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खबर को खबर होने से पहले

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सच्चाई कैद सलाखों के पीछे हकीकत छुपाई जाती है हर खबर की बंद कमरों में खिचड़ी पकाई जाती है चंद कागज के टुकड़ों में बिक जाता इंसान का इमान खबर को खबर होने से पहले बोली लगाई जाती है असली मुद्दे धरे रह जाते सच को झूठ की घूंट पिलाई जाती है टी आर पी के चक्कर में सच की धज्जियां उड़ाई जाती है बेखबर है जमाना सरहद पर जाने कितने शहीद हुए नेताओं के घर पर चिंगारी भी खबरों से बुझाई जाती है तोलकर दौलत के तराजू में हर खबर दिखाई जाती है जितनी अशर्फियां थाली में उतनी खबर सजाई जाती है मजदूर को कुचल कर भी वो सरेआम घूमते हैं श्याम दीवाना हर खबर की खबर यही है कि यहां सच्चाई दबाई जाती है। पिंटू कुमावत'श्याम दीवाना'🙏🙏💐💐 3.6.2022

ए बेरहम वक्त

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बहुत गुजरा दर्दे ए जुदाई में जीवन अब हमें प्रेम के दरिया में कतरा कतरा ही सही बह जाने दे कुछ थोड़ा तु सुधर जा ए बेरहम वक्त कुछ थोड़ा हमें सुधर जाने दे।। बहुत रोए ना सोएं हम अब दिल के अरमां होले होले ही सही संवर जाने दे  कुछ थोड़ा तु सुधर जा ए बेरहम वक्त कुछ थोड़ा हमें सुधर जाने दे।। जख्म पर जख्म मरहम ना मिला अब दिल के जख्म थोड़े थोड़े ही सही बस भर जाने दे  कुछ थोड़ा तु सुधर जा ए बेरहम वक्त कुछ थोड़ा हमें सुधर जाने दे।। नहीं मांगी शोहरत मांगी सिर्फ मोहब्बत ही मोहब्बत अब महबूब की बाहों में बाकी बचा जीवन गुजर जाने दे कुछ थोड़ा तु सुधर जा ए बेरहम वक्त कुछ थोड़ा हमें सुधर जाने दे।। सुपुर्द ए खाक होने से पहले मुझे मेरी परछाई में जर्रा जर्रा ही सही बस उतर जाने दे कुछ थोड़ा तु सुधर जा ए बेरहम वक्त कुछ थोड़ा हमें सुधर जाने दे।। एक दिन तो है जाना सभी को सदा नहीं होता बसेरा यहां मत तड़पा नस नस में बस प्रेम ही प्रेम बिखर जाने दे  कुछ थोड़ा तु सुधर जा ए बेरहम वक्त कुछ थोड़ा हमें सुधर जाने दे।। बहुत हुआ गिर गिर कर संभलना अब ना फिसल रेत सा बस संभल हां संभल जाने दे  कुछ थोड़...

कृष्णा ओ कृष्णा

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कृष्णा ओ कृष्णा जय राधे राधे कृष्णा कृष्णा ओ कृष्णा जय राधे राधे कृष्णा नंद जी के द्वारे कृष्णा ओ यमुना किनारे कृष्णा जग से न्यारे कृष्णा ओ राज दुलारे कृष्णा कृष्णा ओ कृष्णा जय राधे राधे कृष्णा कृष्णा ओ कृष्णा जय राधे राधे कृष्णा।। गोपियां पुकारे कृष्णा राधे के प्यारे कृष्णा  आंखों के तारे कृष्णा  ओ तारणहारे कृष्णा कृष्णा ओ कृष्णा जय राधे राधे कृष्णा कृष्णा ओ कृष्णा जय राधे राधे कृष्णा।। इस दिल में बहारें कृष्णा तुझपे दिल हारे कृष्णा हम तुम्हें पुकारें कृष्णा बस तेरे सहारे कृष्णा कृष्णा ओ कृष्णा जय राधे राधे कृष्णा कृष्णा ओ कृष्णा जय राधे राधे कृष्णा। तुम हो हमारे कृष्णा हम है तुम्हारे कृष्णा सांझ सवेरे कृष्णा कृष्णा कृष्णा कृष्णा कृष्णा ओ कृष्णा जय राधे राधे कृष्णा कृष्णा ओ कृष्णा जय राधे राधे कृष्णा। गोवर्धनधारी कृष्णा करें माखन चोरी कृष्णा गोपी मनोहारी कृष्णा जय बांके बिहारी कृष्णा कृष्णा ओ कृष्णा जय राधे राधे कृष्णा कृष्णा ओ कृष्णा जय राधे राधे कृष्णा। मैया पुकारे कृष्णा बल भैया पुकारे कृष्णा गइया पुकारे कृष्णा हम तुम भी पुकारे कृष्णा । कृष्णा ओ कृष्णा जय राधे राधे...

शैतानी आइना

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देख सुंदर नारी का श्रृंगार आइने का दिल हुआ बेकरार देखकर सजते गुलाबी होंठ  संवरते घुंघराले बाल नयन नशीले मतवाली चाल कब तक रखता आइना  खुद को संभाल कर बैठा मोहब्बत मनमोहिनी सूरत  माथे पर बिंदी आंखों में काजल घायल दिल प्रेमी पागल प्यारी सी मुस्कान का कायल सीधा सादा आइना शैतानी कर बैठा प्यार में हसीना के रूहानी बन बैठा आइने की आंखों में चमकता हरपल हसीना का नूर  ना मिली मोहब्बत तो बिखर कर हो गया चूर चूर ।। मरते मरते आइना कह गया आज बिखर गया तो बचकर निकलते हैं कल तक जो रूक रूक कर देखा करते थे। आइना हूं बिखरना मेरी फितरत है  पत्थरों से मुझे कोई गिला नहीं दिल दे बैठे थे वो किसी और को तभी जाना मैंने मैं बिखरा तब मुझसे आकर कोई मिला नहीं। पिंटू कुमावत'श्याम दिवाना'🙏🙏 💐💐

कृष्ण

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कृष्ण ही आनंद है कृष्ण ही है परमानंद माया रची है कृष्ण ने  कृष्ण से ही सकल संसार जगत सेठ है सांवरा कृष्ण का ही सब व्यापार कभी बनाए कभी मिटाए कभी हंसाए कभी रूलाए कृष्ण ही देखो कठपुतली का सबको नाच नचाए अपनी माया से हर प्राणी को मोह में कृष्ण ही उलझाए लाख चाहे मिलना कृष्ण से कोई बिन अर्जी बिन कृष्ण की मर्जी कोई ना कृष्ण तत्व से मिलने पाए  हां कृष्ण की कृपा जिस पर हो जाए वो बावरा प्रेमी बसा मन में सुंदर अलौकिक कृष्ण चितवन वो तो केवल राधे राधे- राधे राधे गाए कृष्ण का प्यारा सदा सदा के लिए कृष्ण में ही रम जाए कृष्ण संग गोपी राधा बन वृन्दावन में वो रास रचाए कृष्ण तत्व से मिलकर स्वयं कृष्ण ही वो कहलाए भटक भटक कर लख चौरासी में  अंत में कृष्ण को केवल कृष्ण को ही अपना मानना होगा आज नहीं तो कल हमें कृष्ण को ही जानना होगा कृष्ण ही मूल कृष्ण ही जड़ चेतन सृष्टि का आधार कृष्ण ही केवल एक मात्र भव सागर के तारणहार कृष्ण ही केवल एक मात्र भव सागर के तारणहार।। जय जय श्री राधे 🙏🙏 जय श्री श्याम 🙏🙏 गोवर्धन गिरधारी 💕 प्यारे बनवारी ❤️ की जय 🙏🙏 पिंटू कुमावत'श्याम दिवाना'🙏🙏😊😊

हां मोहब्बत तुम भी करते हो ।

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अक्सर सुना है लोगों से  हम भगवान को याद करते हैं मैं तो बस इतना कहता हूं ओ मेरे प्रभू औकात क्या है हमारी जो तुम्हें याद करें यह तो कृपा दृष्टि है बस तुम्हारी  सच तो यही है ओ मेरे प्रभू  हमें तुम ही याद करते हो  हमें तुम ही याद करते हो।। तु अथाह सागर है प्रेम करूणा का ओ मेरे प्रभू मैं तो एक बूंद भी नहीं  बहा दूं एक आंसू जो मैं तेरी याद में आह! तो तुम भी भरते हो  हां सांवरे आह! तुम भी भरते हो । मैं कहता हूं मोहब्बत हो गई है तुझसे  मैं कहता हूं मोहब्बत हो गई है तुझसे  मगर सच तो यही है ओ कान्हा छुपा के मनमोहिनी सूरत राधा के आंचल में  हां मोहब्बत तुम भी करते हो  हां मोहब्बत तुम भी करते हो ।। बीच मझधार मैं सोचता हूं डूब रही है नाव छूट रही है जीवन पतवार देकर सहारा ओ सांवरे अपने मुक्ति के  किनारे की ओर तुम ही ले चलते हो  हां अपने मुक्ति के  किनारे की ओर तुम ही ले चलते हो ।। औकात क्या है हमारी जो तुम्हें याद करें यह तो कृपा दृष्टि है बस तुम्हारी  सच तो यही है ओ मेरे प्रभू  हमें तुम ही याद करते हो  हां हमें तु...

जादूगर कान्हा

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जादू भरी आंखों से मोहन  तूने कैसा जादू कर डाला  कान्हा कान्हा रटती फिरे कुंज गलियों में यह ब्रजबाला नींद चुराई चैन चुराया इशारों इशारों में कान्हा तूने दिल चुराया प्रेम मिलन का अरमान जगाया बैरी पिया फिर क्यों ना आया? बैरी पिया फिर क्यों ना आया? चढ़ जाऊंगी मैं प्रेम शूली तेरी चाहत में भूली रे मैं सुध-बुध भूली  सुनी जबसे जादू भरी बैरन बांसुरी हारी रे तन मन हारी ओ बनवारी ओ बनवारी मैं हूं तेरी राधा प्यारी  मैं हूं तेरी राधा प्यारी । पिंटू कुमावत'श्याम दिवाना'🙏🙏💐💐

तू मेरा मैं तेरा हूं।

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मेरे श्रीकृष्ण कहते हैं- सच कहता है तू मेरा है मैं तेरा हूं निराशा के अंधकार में आशाओं का सवेरा हूं तू ही भूल बैठा है मुझे मैं तो बस तेरा और तेरा हूं सच कहता हूं आत्मबोध कर  तू मेरा है मैं तेरा हूं आकाश में मैं पृथ्वी में मैं अन्त हूं मैं आरम्भ हूं मैं व्याप्त सृष्टि के कण कण मैं रस्सी से बंधा माखन हेतु मचला हूं प्रेमाभक्ति के अधीन मैं नन्हा बालक बन खेला हूं रज कण में मैं विराट परमेश्वर धर्म का सारथी हूं रण में मैं तुम्हारे ही उद्धार हेतु कभी हूं राम कभी हूं श्याम मैं तुम मेरे ही अंश हो हूं अविनाशी परमात्मा मैं कभी निहार लेना कभी पुकार लेना तुझे तुझसे फुर्सत मिले तो योगमाया के अधीन हे मानव तू मेरा मैं तेरा हूं तू ही भूल बैठा है मुझे मैं तो बस तेरा और तेरा हूं सच कहता हूं आत्मबोध कर तू मेरा है मैं तेरा हूं। जय श्री कृष्णा 🙏🙏 राधे राधे 🙏🙏 पिंटू कुमावत'श्याम दिवाना'🙏🙏💐💐

बागों में बहार छाई सजना

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देख पिया सावन की रमझोल  बागों में बहार छाई सजना मिलन की रूत आई सजना शीतल चली पुरवाई  सजना फिर तू क्यों ना आया हरजाई सजना। सावन के इस मौसम में सावन की प्यासी अंखियां देख पिया कलि खिली फूल बनी  फूल बन महकने लगी गुलाब बन कर रस के प्यासे भंवरे गुंजन करने लगे फूल में ऐसे रमे स्व को ही खोने लगे कोयल सावन गीत गाने लगी दिल की किताब पढ़  मोहब्बत की दास्तां सुनाने लगी मोर ठुमक ठुमक नाचने लगे मोरनी को रिझाने लगे घोंसलों में दूबके परींदे  पंख फैलाए आसमां में उड़ने लगे  मखमली नव पात पात  नव डालियों पर चोंच लड़ाने लगे देख देख कर नजारे पिया मेरा मन कस्तूरी मृग बन डोले वन उपवन। देख पिया सावन की रमझोल  बागों में बहार छाई सजना मिलन की रूत आई सजना शीतल चली पुरवाई  सजना फिर तू क्यों ना आया हरजाई सजना। सावन के इस मौसम में सावन की प्यासी अंखियां देख पिया सूरज छुप गया बादलों में चांद भी शरमाने लगा तारों में भी मच गई होड़ टूट टूट धरती की तरफ लगाई दौड़ दो प्रेमी दरिया किनारे  चुपके-चुपके मिलने लगे देखकर मधुर मिलन  सदियों से ठहरा सागर प्रेम बूंदों मे...

छू ले आसमां भारत की नारी भारत के वीर

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विजय बाण भरकर तूणीर लहरा आसमां में तू शमशीर निराशा के बादलों को चीर छू ले आसमां भारत की नारी भारत के वीर ,छू ले आसमां भारत की नारी भारत के वीर।। तू बन भागीरथ  बहा हिमालय से  गंगा का नीर बेड़ियों को तोड़, हवाओं का रूख दे मोड़ कर्म का हथोड़ा मार पत्थर पर खिंच कर्म लकीर छू ले आसमां भारत की नारी भारत के वीर ,छू ले आसमां भारत की नारी भारत के वीर।। तू  बन विवेकानंद  हो धीर गंभीर विवेक वैराग्य मन में धार, वासनाओं पर कर प्रबल वार चरित्र निर्माण कर कलम उठा,तू खुद खुदा लिख अपनी तकदीर छू ले आसमां भारत की नारी भारत के वीर ,छू ले आसमां भारत की नारी भारत के वीर।। तू तज संताप बन शिवाजी बन प्रताप बन सुखदेव राजगुरु भगतसिंह सुभाष आजाद दुश्मन की छाती पर कर सिंहनाद कर सिंहनाद अखंड भारत का निर्माण कर डंका बजा कन्याकुमारी से कश्मीर छू ले आसमां भारत की नारी भारत के वीर ,छू ले आसमां भारत की नारी भारत के वीर।। तू बन कित्तूर की रानी, झांसी की रानी सरोजिनी नायडू,सुचेता कृपलानी भृकुटी तान कर रण की तैयारी भावनाओं की तोड़ तू जंजीर छू ले आसमां भारत की नारी भारत के वीर ,छू ले आसमां भारत की ...

जीवन से भरी इस दुनिया में

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वर्षों से जीवन से भरी इस दुनिया में  जींदगी के चौराहों पर दिलों में उजाले ढूंढता हूं मैं अंधेरे अनजान रास्तों पर प्रेम मशालें लिए घूमता हूं मैं।। दिलों में लाख बिछे हो नफरतों के कांटे  जीवन में फैले हो चाहे गहरे सन्नाटे वर्षों तक प्रेम बांसुरी लिए अधरो पर इंतजार में पलकें बिछाए राह निहारता हूं मैं मेरी डगर आ जाए कोई प्रेम का प्यासा  कदम उसके ले हाथों में होंठों से चूमता हूं मैं वर्षों से जीवन से भरी इस दुनिया में  जींदगी के चौराहों पर दिलों में उजाले ढूंढता हूं मैं अंधेरे अनजान रास्तों पर प्रेम मशालें लिए घूमता हूं मैं।। मैं प्रेम की मूरत  मैं प्रेम का ठहरा सागर तू बहती नदियां प्रेम की प्रेम मिलन को बेताब है दोनों प्रेम वश प्रेमी के संग  प्रेम मंदिर में प्रेम के झूले झूलता हूं मैं प्रेम राग  के प्रेम रास में  कभी गोपी कभी मनमोहन बन  झूमता हूं मैं प्रेम बंधन में बंधकर राही स्व ईश्वर हूं यह भूलता हूं मैं वर्षों से जीवन से भरी इस दुनिया में  जींदगी के चौराहों पर दिलों में उजाले ढूंढता हूं मैं अंधेरे अनजान रास्तों पर प्रेम मशालें लिए...

आ चल चलें आ चल चलें

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अकेले नहीं चल संग चले जन्मभूमि से होकर विदा  कर्मभूमि की नई राह चले दूनिया के अनजान रास्तों पर  आ चल चलें आ चल चलें आ चल चलें आ चल चलें।। कह रहा पिछे खड़ा बचपन उंगली पकड़ मुस्कुराता हुआ आ लग जा एक बार गले अनजान सुनसान रास्तों पर  किसे खबर फिर कब मिले किसे खबर फिर कब मिले।। ना होना तू जीवन में कभी उदास  मन में रखना सदा  विश्वास कुछ पा न सका कोई  यहां होकर हताश आज नहीं तो कल मूठ्ठी में होगा सारा आकाश टेढ़ी मेढी जीवन राह में चलते ही जाना बस काम तेरा जीवन राह में फूल मिले चाहे कांटे मिले आ चल चलें आ चल चलें।। अकेले नहीं चल संग चले जन्मभूमि से होकर विदा  कर्मभूमि की नई राह चले दूनिया के अनजान रास्तों पर  आ चल चलें आ चल चलें यादों की गठरी बांध  अलविदा, फिर मिलेंगे चल कह चले जवानी खड़ी है राह में बांह फैलाए  कह रही हिल मिल भविष्य की नई डगर चले साहस का दामन थाम रखना हर घड़ी हर पल बुलंद होंसले चलते ही जाना बस काम तेरा जीवन राह में अमृत मिले चाहे जहर मिले आ चल चलें आ चल चलें।। कर्म ही ईश्वर कर्म ही पूजा  जीवन में कोई काम ना दूजा धूप छांव के इ...

बस उड़ते ही जाना है

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पंछी को कहां ठिकाना है पंख फैलाए नील गगन में बस उड़ते ही जाना है बस उड़ते ही जाना है।। कभी उड़ा तिनके की तलाश में तिनका तिनका चुन  प्यार का घरोंदा सजाने की चाह में कभी उड़ा भोजन की आश में दाना दाना चुग  अपनों की भूख मिटाने की जिद में पंछी को कहां ठिकाना है पंख फैलाए नील गगन में बस उड़ते ही जाना है बस उड़ते ही जाना है।। उड़ कर नई उमंग नए जोशो-खरोश में सीमाओं के बंधन तोड़ दूर देश तक मैं उड़ता ही रहा उड़ता ही रहा उड़ कर दूनिया भर लूं आगोश में हवाओं का रुख मोड़ तूफ़ानों से हरदम मैं  लड़ता ही रहा लड़ता ही रहा  उड़ कर चूम लूं सारा आकाश होशो-हवास में जीत ना पाऊं का भ्रम तोड़ नई ऊंचाइयों को पल पल  मैं छूता ही रहा छूता ही रहा उड़ कर नया कर गुजरने के विश्वास में पुरानी पगडंडियों की राह छोड़ शिखर पर परचम लहरा मैं कहता ही रहा कहता ही रहा पंछी को कहां ठिकाना है पंख फैलाए नील गगन में बस उड़ते ही जाना है बस उड़ते ही जाना है।। थकना रूकना नहीं सीखा मैंने मिलों लम्बा हो चाहे जीवन का सफर डरकर पीछे मुड़ना नहीं सीखा मैंने आंधी तूफान भरी हो चाहे जीवन की डगर पंछी को कहां ठिकाना है पंख...

डरना बेहद जरूरी है

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डर अच्छा है डरना बेहद जरूरी है वरना जमाना मगरूर है इतना  कानों तले जूं तक ना रेंगती लाख समझा लो तुम चाहे जितना ये लातों के भूत है जनाब बातों से कब मानते हैं डर के कारण ही मार आगे भूत भागते है डर के कारण ही मार आगे भूत भागते है।। इसीलिए कहता हूं मैं डर अच्छा है डरना बेहद जरूरी है। मां बाप से डरकर ही बच्चा अच्छा बुरा समझता है जो नहीं डरता वो बड़ा होकर मां बाप के सर पर ही मूंग दलता है। इसीलिए कहता हूं मैं डर अच्छा है डरना बेहद जरूरी है। गुरू से डरकर ही शिष्य नई राह चलना सीखता है जो नहीं डरता वो बड़ा होकर जमाने की ठोकरें खा दर दर भटकता फिरता है इसीलिए कहता हूं मैं डर अच्छा है डरना बेहद जरूरी है। पत्नी से डरकर ही पति सीधी राह चलता है जो नहीं डरता वो सब कुछ खोकर शादीशुदा होकर भी कुंवारों की जिंदगी जीता है। इसीलिए कहता हूं मैं डर अच्छा है डरना बेहद जरूरी है। कानून से डरकर ही अपराधी अपराध त्याग व्यवहार अपना बदलता है  जो नहीं डरता वो डंडे खाकर दिन रात सलाखों के पीछे बेड़ियों में जकड़ता है। इसीलिए कहता हूं मैं डर अच्छा है डरना बेहद जरूरी है। इज्जत मान मर्यादा से डरकर ही इंसान  स्व ...

एक गुमनाम कवि

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एक गुमनाम कवि आवारा हो गया बेरोज़गारी के इस दौर में निकम्मा नालायक बैचारा हो गया वो लिखता रहा मिटाता रहा दिल में अरमान सजाता रहा शब्दों के शंखनाद से दूनिया को जगाता रहा सुनाता रहा कभी जिंदगी के अफसाने कभी दर्द भरे नगमे कभी प्यार भरे तराने दूनिया जागकर भी सोई रही खुद अपने ही ख्यालों में खोई रही सितमगर वक्त का मुकद्दर तो देखो मौत आने से पहले ही जीवन पथ से किनारा हो गया   एक गुमनाम कवि आवारा हो गया बेरोज़गारी के इस दौर में निकम्मा नालायक बैचारा हो गया कितनी जीवन की कीताबों पर अब भी धूल जमीं कितने जीवन के पन्ने अब भी खुले ही नहीं इस अमीरजादी मगरूर  दूनिया को देखो जिते जी ना इज्जत दी ना शोहरत दी और वो किताब भी उस वक्त मशहूर हुई जब जिंदगी की किताब से सांसें रूखसत हुई गुमनाम शायर की महफ़िल में मजमा भी उस वक्त लगा जब मौत की गहरी नींद सो गया। एक गुमनाम कवि आवारा हो गया बेरोज़गारी के इस दौर में निकम्मा नालायक बैचारा हो गया बिक गए चंद अशर्फियों में वो अल्फाज जिन्हें लिखा था कभी तन्हा बेबस रातों में जागकर दिल की कलम को खंजर बना बूंद बूंद दिल से लहू निकालकर   रखा था कभी जिन्...

आओ प्रिये कहीं दूर चलतें हैं।

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आओं प्रिये कहीं दूर चलतें हैं जीवन के अंतिम पड़ाव से पहले सांसों के ठहराव से पहले। मैं प्यासा दरिया प्रेम का तू बहती जलधारा प्रेम की  जहां ना हो प्यार पर पहरा  मिल जाए किनारा दो दिलों को  आओ प्रिये वहां मिलते हैं आओ प्रिये वहां चलते हैं  आओ प्रिये कहीं दूर चलतें हैं आओ प्रिये कहीं दूर चलतें हैं।। बादलों के पार एक ऐसी दूनिया में  जहां ना हो दर्द जुदाई का मौसम हो प्यार की शीतल पुरवाई का ना चले कोई दांव जहां जुल्मी वक्त हरजाई का जहां हो मिलन आत्मा से परमात्मा तन से परछाई का अमर प्रेम पुष्पों से महकती हो जीवन बगिया चांद सितारें भी आकर चुमें तुम्हें बन जाए माथे की बिंदिया ख्वाईशों के जहां मैले हो खुशियों के जहां रैले हो हाथों में हाथ लिए प्यार की कश्ती पर हम तुम जहां अकेले हो । आओ प्रिये कहीं दूर चलतें हैं जीवन के अंतिम पड़ाव से पहले सांसों के ठहराव से पहले प्यासा दरिया प्रेम का तू बहती जलधारा प्रेम की  जहां ना हो प्यार पर पहरा  मिल जाए किनारा दो दिलों को  आओ प्रिये वहां मिलते हैं आओ प्रिये वहां चलते हैं  आओ प्रिये कहीं दूर चलतें हैं आओ प्...

बेवफा वक्त

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बड़ा वेवफा है ये वक्त दूरी  हो मजबूरी हो  इंतजार में काटे कटता नहीं हो हाथों में हाथ  हो मिलन की चांदनी रात  बेदर्दी एक पल के लिए भी ठहरता नहीं गिरगिट की तरह बहरूपिया है रंग बदलता रहता है आंधी हो या तूफान रूकता नहीं रेत सा फिसलता ही रहता है हर घड़ी थक जाता है इंसान बुरे वक्त को संवारते संवारते मगर ये वक्त कभी कभी जां देकर भी संवरता नहीं कभी कभी जां देकर भी संवरता नहीं।। किस मिट्टी से बना है कभी थकता नहीं मनमौजी है चलना ही इसका काम कभी जीवन में सीधे चले  कभी उल्टे पड़ते इसके पांव कभी तपती धूप है वक्त  कभी है शीतल ठंडी छांव कभी लगाए मरहम वक्त  कभी  दिल में देता गहरे गहरे घाव वक्त है जनाब ये किसी की सुनता नहीं। लाख समझालो यारों बेवफा वक्त दिल के दर्द समझता नहीं  जुल्मी कभी सुधरता नहीं। पिंटू कुमावत'श्याम दिवाना'🙏🙏 💐💐

गम और खुशी का तराना

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ग़म और खुशी का तराना है जिंदगी तो बस जीने का बहाना है जिंदगी तो बस जीने का बहाना है।। हरपल मौत से आंखें चुराना है जिंदगी तो बस जीने का बहाना है। जिंदगी तो बस जीने का बहाना है।। चलना है कभी कांटों भरी राह में फूलों की चाह में कभी अंधेरी रातों में दीपक की रोशनी की पनाह में चलता रहा मैं उम्र भर कभी ना देखा पीछे मुड़कर रूकना नहीं झुकना नहीं सीखा मैंने मंजिल ही मेरा ठिकाना है  ग़म और खुशी का तराना है जिंदगी तो बस जीने का बहाना है जिंदगी तो बस जीने का बहाना है।। हरपल मौत से आंखें चुराना है  जिंदगी तो बस जीने का बहाना है जिंदगी तो बस जीने का बहाना है।। परदेस में सब कुछ मिला मगर खुशी ढूंढे ना मिली कैसे मिलती भला  छुपी हुई थी मां के आंचल में खुशी बीवी के होंठों की मुस्कान आंखों के काजल में खुशी आंगन में बिटिया की छन छन करती पायल में खुशी भाई बहना  के प्यार में  बाबा के आशीर्वाद दुलार में खुशी मुझे हर हाल में मुस्कुराना है अपनों के सपनों को मुझे सजाना है  ग़म और खुशी का तराना है जिंदगी तो बस जीने का बहाना है जिंदगी तो बस जीने का बहाना है।। हरपल मौत से आंखें चुराना है...

वही रास्ते वही मोड़

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देखता हूं मैं आज भी वही रास्ते वही मोड़ गुजर जाते हैं नेता अपराधी सरगना  कानून के सारे नियम तोड़ नेताजी की रईस औलादें मुंछ मरोड़ आम आदमी के पीछे ही पुलिस लगाती है दौड़ भ्रष्टाचार की मची है होड़ बोली लगाई जाती है हर अपराध की हजार लाख और करोड़ सुना है मेरा भारत बदल रहा है क्या बदला बदलें हैं केवल नाम नेताओं व अपराधियों के आज भी है वही काम मिलते हैं उन्हें आम के आम गुठलियों के दाम बीच सड़क करते हैं बहु बेटियों की इज्जत नीलाम जमानत पर छुट जाते हैं अपराधी और नेता फिर से करने अपराध सरेआम सच तो यही है बगल में छुरी मुख में राम है काली करतूतें गोरे चाम आम आदमी ही है यहां बदनाम जबरन बुलाया जाने लगा है अब यहां अल्लाह हु अकबर जय श्री राम।। देखता हूं मैं आज भी वही रास्ते वही मोड़ गुजर जाते हैं नेता अपराधी सरगना  कानून के सारे नियम तोड़।। पिंटू कुमावत'श्याम दिवाना'🙏🙏💐💐

वो पानी नहीं है

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दिल में उठा तूफान मिटाने की खातिर नाच रहे हैं मोर  सांझ ढल रही इंद्रधनुषी चुनरिया ओढे कोयल पपीहे कूक रहे कोकिल स्वर में भंवरे भी गुंजार रहे फूलों के भंवर में लहलहा रहा धरती का आंचल आसमां भी मुस्कुरा रहा मिलन की इस पावन सावन की वेला में सज संवर कर लबों से अमृत बरसाते हुए निकली जब चंचल शोख हसीना आंचल से दुपट्टा सरकाते हुए छन छन छन छन पायल की झंकार लूटाते हुए कब्र में सोये मूर्दो को जगाते हुए देखकर महबूब को प्यार की गलियों में सागर भी मचल उठा महबूब की खूबसूरत अदाओं से हुआ घायल एक पल भी ना ठहर सका दिलजला धुंआ धुंआ हो बादल बन आसमां में उड़ चला गरज रहा  बरस रहा  सागर बनकर बादल  जमाने ने समझा जिसे बारीश का बहता पानी   वो पानी नहीं है दोस्तों वो दिलजले सागर के प्यार की निशानी है दोस्तों प्यार में बहते अश्कों की कहानी है दोस्तों बूंद बूंद बहती सागर की जवानी है दोस्तों दिलजले आशिक की लहरों की रवानी है दोस्तों।। पिंटू कुमावत'श्याम दिवाना'🙏🙏 💐💐