वही रास्ते वही मोड़


देखता हूं मैं आज भी वही रास्ते वही मोड़
गुजर जाते हैं नेता अपराधी सरगना 
कानून के सारे नियम तोड़
नेताजी की रईस औलादें मुंछ मरोड़
आम आदमी के पीछे ही पुलिस लगाती है दौड़
भ्रष्टाचार की मची है होड़
बोली लगाई जाती है हर अपराध की
हजार लाख और करोड़
सुना है मेरा भारत बदल रहा है
क्या बदला बदलें हैं केवल नाम
नेताओं व अपराधियों के आज भी है वही काम
मिलते हैं उन्हें आम के आम गुठलियों के दाम
बीच सड़क करते हैं बहु बेटियों की इज्जत नीलाम
जमानत पर छुट जाते हैं अपराधी और नेता
फिर से करने अपराध सरेआम
सच तो यही है बगल में छुरी मुख में राम
है काली करतूतें गोरे चाम
आम आदमी ही है यहां बदनाम
जबरन बुलाया जाने लगा है अब यहां अल्लाह हु अकबर जय श्री राम।।
देखता हूं मैं आज भी वही रास्ते वही मोड़
गुजर जाते हैं नेता अपराधी सरगना 
कानून के सारे नियम तोड़।।

पिंटू कुमावत'श्याम दिवाना'🙏🙏💐💐

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