तेरे मेरे दरमियां
*************************** प्यार में तेरे मेरे दरमियां अभी कुछ बातें अधूरी है पूरी करने के लिए बातें हमारी जिंदगी पूरी हैं प्यार करता हूं बेपनाह तुझसे पर अभी भी हमारे बीच दूरी है प्यार में तेरे मेरे दरमियां अभी कुछ बातें अधूरी है । हमारे बीच की खामियां दूर हो जाए तो अच्छा है क्योंकि तेरे मेरे दरमियां जो प्यार है वह तो सच्चा है मैं मानता हूं कि मेरे अंदर जो आदतें हैं वह बुरी है प्यार में तेरे मेरे दरमियां अभी कुछ बातें अधूरी है। हमारे बीच की मजबूरियां बढ़ा रही हैं हमारे बीच दूरियां मुझमें अभी कुछ है खामियाजा उसे मैं भली भांति मानता हूं कि तेरे लिए मैं ला ना सका श्रृंगार का सामान अभी तक पूरी प्यार में तेरे मेरे दरमियां अभी कुछ बातें अधूरी है। स्वरचित एवं मौलिक सुशील चौधरी "विद्रोही" जंदाहा वैशाली बिहार