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Showing posts with the label रितेश कुमार प्रजापति

बिहाइंड एनिमी लाइन्स भाग-२

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    वर्षावन में अपनी स्थिति स्पष्ट करने और चिन्द्विन नदी को देखकर दिशा ज्ञान प्राप्त कर लेने के बाद वह नदी के किनारे उसके प्रवाह की विपरीत दिशा में आगे बढ़ने लगा।    नदियों के किनारे जाना बहुत लाभकारी होता है, इससे भोजन और पानी तो मिलता ही है साथ में मानव बस्तियाँ भी प्रायः किसी नदी किनारे ही होती हैं और ऐसी बड़ी-बड़ी नदियाँ यातायात का भी सुगम माध्यम होती हैं।       यमदूत का रूप अपनी धुन में चलते जा रहा था तभी उसे मोटर की आवाज सुनाई दी जो नदी में से आ रही थी, किसी खतरे की आशंका के कारण वह तुरंत झाड़ियों में छुप गया। वह जहाँ छिपा था वहाँ से नदी का कुछ भाग दिखाई दे रहा था, वहीं से चुराई हुई दूरबीन से उसने देखा कि          लकड़ी की बनी दो मोटर बोट पर सवार कुछ लोग कहीं जा रहे थे, इन लोगों ने सेना की वर्दी पहन रखी थी। शायद यह सैनिक म्यामांर की सेना के थे। " नहीं नहीं ये सैनिक म्यामांर सेना के नहीं NSCN के लड़ाके हैं ", यमदूत ने मन में ही कहा। उसने इन सैनिकों की वर्दी के बाएँ बाजू में बने चिह्न को अब देख लिया था जिस पर NSCN-K लिखा हुआ था। ...

बिहाइंड एनिमी लाइन्स भाग-१

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     वह रात बड़ी भयावह थी, सघन वन, आकाश में छाए काले मेघ, उनसे होती घनघोर वर्षा और साथ में तेज चलती आँधी वातावरण को और भी भयानक बना रहे थे। रह-रहकर बिजली भी चमक रही थी।         बिजली जब चमकती थी तो पूरा क्षेत्र कुछ पल के लिए प्रकाशवान हो जाता था, इस प्रकाश में एक व्यक्ति झाड़ियों के मध्य दौड़ता हुआ दिखाई दिया; उसके ठीक पीछे लगभग २०० मीटर की दूरी पर पाँच सशस्त्र लोग भी  उनके हाथ में एके राइफल की चाइनीज कॉपी एके-५६ थीं। राइफल में लगी फ्लैशलाइट के भरोसे ये लोग उस व्यक्ति का पीछा कर रहे थे।    बिजली के प्रकाश के सहारे वह व्यक्ति आखिर कब तक भागता, उसे स्वयं को बचाने के लिए कोई उपाय करना चाहिए। जो कि उसने किया, जंगल में ऐसे बहुत से गड्ढे तब जो बारिश के पानी से भर गए थे ऐसे ही किसी एक गड्ढे में वह व्यक्ति लेट गया। चूँकि उसका पीछा कर रहे लोग उसे ऐसा करते हुए नहीं देख पाए इसीलिए वे इस गड्ढे को पार करके चले गए। थोड़ी दूर आगे जाकर जब वह दिखाई नहीं दिया तो पीछा करने वालों में से एक ने अपने साथियों से पूछा, "कहाँ गया वह तुममें से किसी ने देखा क्या?" उसके...

सर्जिकल स्ट्राइक भाग-१

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प्रधानमन्त्री कार्यालय की लॉबी के एक कोने में बैठे दो लोग आपस में कुछ बातें कर रहे थे, उनकी बातें भारत की साइबर सुरक्षा पर केंद्रित थीं। इन दिनों भारत के कुछ महत्वपूर्ण कंप्यूटर नेटवर्क्स पर साइबर हमले काफी बढ़ गए थे इन्हें रोका कैसे जाए इसी बारे में दोनों जन अनौपचारिक वार्तालाप कर रहे थे; तभी उनमें से एक व्यक्ति के फ़ोन की घंटी बजी; फ़ोन पर दूसरी ओर की बातें सुनने के बाद उसने उत्तर दिया, "ठीक है पैसे भेज दो, पर ये कहाँ खर्च हो रहे हैं उस पर दृष्टि बनाए रखना।" उसके बाद उसने फोन रख दिया और अपने साथी से फिर से बातें करने लगे। थोड़ी ही देर बाद वहाँ प्रधानमंत्री जी आ गए उनके आते ही इन दोनों खड़े होकर उनका अभिवादन किया। "श्रीमान् बसु आप रॉ प्रमुख बनने के बाद पहली ही भेंट में मुझे कोई अशुभ समाचार सुनाने वाले हैं", प्रधानमंत्री जी ने उन दोनों में से एक को उलाहना देने के अंदाज में कहा। "जहाँ से हमें समाचार मिलते हैं वह स्रोत ही अशुभ है तो हम क्या करें", श्रीमान् बसु ने प्रधानमंत्री की बात का उत्तर देने के बाद अपने साथ आए व्यक्ति का परिचय करवाया, "सर; इनसे ...

इंटरनेट से हुई ठगी

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     छत्तीसगढ़ की न्यायधानी-संस्कारधानी बिलासपुर के सरकंडा क्षेत्र का एक मोहल्ला बंगालीपारा का दो तल्ला घर जिसमें रहते हैं श्री पवन साहू, सरकंडा के ही एक शासकीय उच्च. विद्यालय में व्याख्याता के पद पर कार्यरत हैं। उनकी आर्थिक स्थिति ठीक है पर फिर भी अतिरिक्त कमाई किसको पसंद नहीं, इसीलिए उन्होंने अपने घर का एक कमरा किराए पर दे रखा है। किराएदार का नाम है राजेश भगत, जो गुरु घासीदास विश्वविद्यालय में वाणिज्य स्नातक की पढ़ाई करता है, अभी वह चौथे सेमेस्टर में है।     उस दिन जब वह अपने विश्वविद्यालय से घर आया तब साहू जी रोज की तरह पौधों को पानी दे रहे थे उसे रोज की अपेक्षा जल्दी आया देख उन्होंने पूछा, " राजेश आज यूनिवर्सिटी से जल्दी आ गए, पढ़ाई नहीं हुई क्या ? " " अंकल जी आज यूनिवर्सिटी में साइबर क्राइम की जानकारी देने के लिए एक व्याख्यान का आयोजन किया गया था तो आधे दिन ही पढ़ाई हुई उसके बाद हमारी छुट्टी हो गई। " राजेश अपने जल्दी आने का कारण बताकर अपने कमरे में चला गया।   राजेश के जाने के बाद उनका ध्यान फिर से पौधों को पानी देने में लग गया, तभी उनके फोन बज...

डर्टी बॉम्ब ४ ( ऑपेरशन गाज़ी)

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   ५ और ६ अगस्त २०१९, इन दो दिनों में भारत की संसद में जो हुआ वह कई लोगों के लिए कष्टकारक था, विशेषकर उन लोगों के लिए जो भारत को खंडित करना चाहते थे।  देश के गृहमंत्री ने संसद में जम्मू-कश्मीर पुनर्गठन(संशोधित) विधेयक २०१९ प्रस्तुत किया था। इस विधेयक का उद्देश्य था जम्मू-कश्मीर में लागू अनुच्छेद ३७० रद्द करना। राज्यसभा में तो यह लंबी चली बहस के बाद बहुमत से पारित हो गया लोकसभा में पारित होना शेष है।     दिल्ली से दूर बैठे भारत विरोधी कुछ लोग भी टीवी के माध्यम से इस ऐतिहासिक घटना के साक्षी बन रहे थे, ६ अगस्त को लोकसभा में गृहमंत्री जी ने जब अपने भाषण में यह कहा, " जिस दिन इस विधेयक पर राष्ट्रपति के हस्ताक्षर हो जाएंगे और यह गजट में छप जाएगा उस दिन से जम्मू-कश्मीर में अनुच्छेद ३७० के खण्ड १ को छोड़कर शेष खंड लागू नहीं होंगे।"  तब इन सभी को विश्वास नहीं हुआ, उनके लिए यह किसी आघात से कम नहीं था। उन्होंने जिस स्वप्न के लिए अपना पूरा जीवन लगा दिया था वह अब टूटता दिख रहा था।     गृहमंत्री के कहने का आशय था कि भारत और जम्मू-कश्मीर के मध्य अलगाव उत्...