स्वामी विवेकानंद
विवेक हो,नरेन्द्र हो,स्वामी पूज्य हमारे दिनकर,भानू से तपते लगते कितने प्यारे 🚩🚩🚩🚩🚩🚩🚩 विश्व पटल पर गूँजी जबसे तेरी वो दहाड़ हिन्द संस्कृति खुब चमकी पिघल गये थे पहाड 🚩🚩🚩🚩🚩🚩 वेद,उपनिषद ग्रन्थों की जो करते थे उपहास इतिहास के पन्नों में देखो उनका वो परिहास 🚩🚩🚩🚩🚩🚩🚩 जगत गुरु है राष्ट्र हमारा, जन जन को समझाया केसरिया ओर भगवा झण्डा चहुंओर लहराया 🚩🚩🚩🚩🚩🚩 युवाओं का बना होंसला,भारत का अभिमान अल्पायु में पाठ पढाया,कराया सत्य का ज्ञान 🚩🚩🚩🚩🚩🚩 अध्यात्म कभी किसी को सिखलाया नहीं जाता सत्य कहो चाहे जिस तरहा बस सत्य वही होता 🚩🚩🚩🚩🚩🚩🚩🚩 उठो, जागो साध्य करो, लक्ष्य को पा जाओगे स्वाभिमान से जीने का,मार्ग प्रशस्त पाओगे 🚩🚩🚩🚩🚩🚩🚩🚩 भारत माँ की पूजा होगी, बस देव न कोई दूजा स्वतंत्र जीवन की चाह है तो ओर न कोई पूजा 🚩🚩🚩🚩🚩🚩🚩🚩 अपनी ओज भरी वाणी से,सनातन को समझाया भ्रान्तियाँ सारी दूर कर दी,वेदों को जब बताया 🚩🚩🚩🚩🚩🚩 कृष्णा की ✍कलम से