Posts

Showing posts with the label Poonam Shrivastav

अग्निवीर

Image
अग्निवीरो का ज्वलंत मसला  हर तरफ फैला हुआ  जिधर देखो उधर ही  चर्चा इसका चल रहा !! सरकार ने एक योजना बनाई  वो है  अग्निपथ  कहलाई  इसके तहत जो नवयुवक अपना योगदान दिखाएंगे  वो   ही भारत देश के अग्नि वीर कहलाएंगे!! सरकार की अग्निपथ योजना में  नौजवान रोजगार पाएंगे वायु सेना, नौसेना, थलसेना में आसानी से भर्ती हो पाएंगे !! प्रशिक्षण उनको दिया जाएगा देश के लिए काम करेंगे वो पूरी लगन ईमानदारी से  राष्ट्र सेवा में तत्पर रहेंगे वो!! वेतन होगा अच्छा खासा  सुख सुविधा भी बहुत होगा  चार साल के लिए होगा ये रोजगार फिर उनको बरी होना होगा!! चार साल बाद सेवा मुक्त होने पर  पक्की नौकरी की उम्मीद बढ़ जाएगी! अन्य और नौकरियों के खातिर इन अनुभवियों को वरीयता दी जाएगी !! पुनर्वास मिलेगा उनको  ब्रिजकोर्स कराया जाएगा स्किल सर्टिफिकेट भी उनको बाकायदा दिया जाएगा!! इससे रोजगार का अवसर बढ़ेगा  युवाओं में कुंठा कम होगी ! तनाव युक्त युवाओं औरआत्महत्या की देश में संख्या कम होगी!! लूटपाट,  चोरी ,पत्थरबाजी आगजनी की वारदातो में...

सांझा चूल्हा

Image
सांझे चूल्हे की बात जब होती ,बचपन याद है आता , संयुक्त परिवार में दादा दादी बुआ चाचा का प्यार बड़ा तड़पाता !! न होता था तेरा  मेरा, सबका सब कुछ  होता, कजिन चचेरे का मतलब तो ,शहर में ही समझा था !! सुबह सबेरे चूल्हा जलता मां चाची मिल कर पकाती  चाचा भैया सब्जी लाते ,बुआ हमको पढ़ाती ! चूल्हा दो बर्नर का था ,खीर बनती कभी सिवइयां मां बनाती थी सब्जी दाल, चाची सेकती थी रोटियां !!   पुरुष बच्चो की सजती थाली पहले परसती थीं घर की बेटियां  बाद में औरते खाती संग में, लेकर अचार व खटाइयां!!  गिनकर घर में बनती नही, थी कभी भी रोटियां  अक्सर जो आता खाकर ही जाता खप जाती थी रोटियां!! त्योहारों पर जैसे मानो, मेला सा था लगता     पकवानों की खुशबू से मन, गदगद था हो जाता ! साझे का दुख था होता, सुख भी साझे का होता  साझे खुशियों की बात निराली, उस जैसा कुछ न होता !! मोहल्ले गलियारे के सारे ,ताऊ चाचा भैया होते  अपनो से बिल्कुल हमको ,कम नहीं समझते! मामा मामी नाना नानी मौसी ,हमसभी संग में रहते  साझे चूल्हे का आनंद वहां भी ,खूब हम थे लेते !! अद्भुत प्यार...

सड़क सुरक्षा

Image
सुनो गौर से दुनिया वालो  सड़क सुरक्षा के नियम का पालन करना ! ध्यान से सड़क तुम पार करना  जल्दीबाजी में कभी ना रहना !! वरना तेरी बन जायेगी कहानी कभी न करना अपनी तुम मनमानी!! लाल बत्ती पर रुक जाना  पीली हो तो तत्पर रहना! हरी देखते तुम चल देना  दाएं बाएं  नजर तुम रखना  !! वरना पड़ेगा अपने मुंह की खानी कभी न करना अपनी तुम मनमानी !! दो पहिए पे हेलमेट लगाओ  पीछे वालो को भी बताओ ! गति को अपने जरा संभालो सर्विसिंग, पी यू सी,बराबर करवाओ!! वरना न हो जाए कोई अनहोनी  कभी न करना अपनी तुम मनमानी!! कार में सीट बेल्ट लगाओ आगे बैठे जो हैं लगाओ! साइड ग्लास को सेट कर लो मोबाइल को साइड में रखो!! बड़ी मुश्किल से मिलती ये जिंदगानी  कभी न करना अपनी तुम मनमानी!! शराब पीकर गाड़ी ,तुम न चलाना  जोर से गाने मत तुम सुनना! सोच समझ कर हॉर्न बजाना ध्वनि प्रदूषण मत फैलाना!! बस इतना करना खुद पर मेहरबानी कभी न करना अपनी तुम मनमानी!! पैदल वालो तुम भी सुनना  फुटपाथ पर ही तुम चलना! जल्दी में रास्ता पार न करना चारो तरफ देख के चलना !! बस इतनी तुमको बात मुझे बतलानी  क...

योग

Image
21जून है विश्व योग दिवस,मनाते हैं सब लोग ! फोटो खींच मीडिया पे,करते हैं अपलोड !! ये तन को बनाए फुर्तीला ,मन में भरे जोश! शांत करे मस्तिष्क को, चाहे हो कितना  कठिन संयोग!! योग है ऐसी औषधि,  जिसमे पैसा लगे न एक ! इसके नित अभ्यास से, मिटते रोग अनेक!! प्रातः उठ नित्य कर्म कर, फिर कर योगाभ्यास! स्वस्थ निरोग हो जाओगे, न होगा कोई त्रास !! कई तरह  के आसन है ,अलग अलग हैं नाम ! इसके नित अभ्यास से ,काया पाती आराम !! योग से मिले  हमारे तन,  मन को, शांति   सुकुन! ऊर्जा मिलती है हमे,थक के,होते नही चूर!! नींद चैन की मिल जाए , गर  योग करोगे नित! हर्षित व पुलकित रहोगे ,शांत रहेगा चित्त !! वजन घटाना है अगर ,योग करो हर रोज ! प्रातः सूर्य नमस्कार कर , दिन भर की तू  मौज!! त्वचा चमकदार होगी,उम्र से लगोगे कम तनाव रहित जीवन में तेरे ,न होगा कोई गम!! सोच हमारी सकारात्मक हो जाती , करते नही हम क्षोभ ! गर नित करते प्राणायाम, और करते हैं योग !! योग के बाद अवश्य, करना तुम विश्राम ! शवासन से मिलेगा, अदभुत  शांति आराम !! मात्र एक दिवस काफी नहीं, योगासन के हेतु ...

दिग्भ्रमित युवा

Image
पाश्चात्य सभ्यता ने किया हमारे युवाओं को दिशाहीन  संस्कारों के अभाव में ये  हुए  हैं संस्कार हीन!! बाह्य दिखावे के चक्कर में ये, अपनी बुद्धि  पे पत्थर डाले , कम उम्र में स्कूटर लेकर ,इधर उधर वो भागे! उल्टे सीधे काम वो घर में, झूठ बोलकर करते  लंबी लंबी हांक दोस्तों में, शेखी हैं बघारते !! सिगरेट गांजा चरस  शराब के, शिकार ये झट हो जाते , पब डांस बार में ये तो, अक्सर पाए जाते! लिविंग रिलेशनशिप में रहते ,शादी नही है करते मां बाप को ये युवा, तनिक भी ना सटियाते!! अत्यधिक सुविधा पाकर ये युवा, दिग्भ्रमित हो जाते   पैसे की  कीमत क्या है, नही जानना चाहते  ! चादर से लंबे पांव फैलाने की आदत इनकी पड़  जाती, इच्छाओं का अंत नहीं ये, बात समझ न आती !! संयुक्त परिवार में जब बच्चे थे पलते , बुजुर्गो का सम्मान व ,आदर  थे वो करते ! अब एकल परिवार में युवाअपनी मनमानी हैं करते  अब वो मां बाप से नही मां बाप है उनसे डरते !! पैसे की हवस में वो ,अनौपचारिक कार्य भी करते  लूटपाट अपहरण अनेकों ,अपराध करने से बाज न आते ! आज की दिग्भ्रमित युवा,  ...

ग्रहों की चाल

Image
पूरे ब्रह्मांड में हैं नौ नक्षत्र नौ ग्रह  नौ रस नौ ही भक्ति है! नौ की महिमा का क्या गुण गाऊं    नौ की अद्भुत शक्ति है !! सूर्य ,चंद्रमा, बुध, गुरु शुक्र शनि राहु और केतु  ये नौ ग्रह होते है! कहते है अपने जीवन की नैया के  यही खेवैया होते हैं!! मेरा मानना है कि ये सब,  कर्मो पर आधारित है ! जो बोओगे सो काटोगे  ये तो सर्वविदित ही है!! ये सारे  भ्रम हमने  खुद ही पाल रखा है ! कर्म श्रम करते नही , ग्रहों को जिम्मेदार ठहराया हैं !! पंडित कहते  मंगल  भारी  राहु की दशा है चल रही  शनि साढ़ेसाती है इसलिए  बात नही है बन रही !! आज के इस तकनीक युग में भी  लोग भ्रमित हैं हो रहे ! इसके चक्कर में पड़कर वो   चकव्यूह में फंस रहे !! मंगली लड़की है तो  लड़का मंगला होना चाहिए  अन्यथा व्याह फलित ना होगा  पूजा करवाना चाहिए !! आप बताओ गर  लड़की लड़के दोनो  मर्जी से शादी करते व खुशी से जीवन जीते है! बाद में पता चले मंगला के संग मंगली नही तो फिर क्या वो करते हैं!! मेरा मानना है ग्रह नक्षत्र हमारे ...

आरक्षण बंद करो

Image
आरक्षण रूपी रावण का अब, सब मिल के तिरस्कार करो, रामचंद्र बन करके कोई ,इसका जल्दी संहार करो ! वरना ये दानव धीरे धीरे, सबका भक्षण कर जायेगा  देखते ही देखते देश हमारा, खोखला जर्जर हो जायेगा !! आरक्षण देकर ये नेता,अपना वोट पक्का हैं  करते  अपने स्वार्थ के लिए देश को, अजगर बनकर हैं डसते! यही कराते दंगा जब तब, भेद भाव हैं फैलाते   सामान्य, दलित पिछड़ी जाति का अंतर हमे है बतलाते ! विनय हमारी है सरकार से,भेदभाव ये दूर करो  आरक्षण हटाओ देश से, योग्यता का न हनन  करो !! योग्य विद्यार्थी को मत झंझोडो उनके लिए भी मनन करो, सर्वधर्म समभाव देश में ,न्याय सभी के संग करो!! अच्छा ज्ञान होने पर भी, सामान्य वर्ग अभिशाप बना , मारे मारे फिर रहा, ज्ञान आज विषाक्त   बना! अल्पज्ञानी होने पर भी, आरक्षण का अमृत पिया जिसने  आज बड़े बड़े ओहदे को, हर जगह संभाला उसने! सोचो आप कल के भारत का, भविष्य फिर क्या होगा  सारी योग्यता का भविष्य कल, विदेश में पल रहा होगा !! आरक्षण नहीं हटेगा जब तक, देश का विकास असंभव है, अन्यथा समझो देश के, पीठ के पीछे खंजर है ! आरक्...

आशा

Image
जब तक सांस है तब तक आस है,  जिस दिन टूटा आस  जिंदगी में कुछ न आएगा रास इसलिए आस को रखो पास  बनो न किसी का दास!! आशा ही हमे आगे बढ़ने की प्रेरणा है देती, कभी पीछे मुड़कर नही देखने है देती! मन को विचलित होने से सदा है रोकती, लक्ष्य को भूलने नही हमको है देती!! जीवन का दूसरा नाम आशा है ,  आशा के बिना जिधर देखो,उधर ही  निराशा  है ! निराशा के हाथ में कभी कुछ नही आता , तनाव दुख चिंता का  वो कारण है बनता !! जीवन बहुत सुंदर है ,लेकिन वो छड़भंगुर है उसको जीने का ढंग आना चाहिए ! उसके एक एक पल को से जीना चाहिए  आशावान कर लोगो को, जीने की राह दिखाना चाहिए!! पूनम श्रीवास्तव

चौदहवीं का चांद

Image
चौदहवीं के चांद सा प्यारा है मेरा दिलवर  सीधा सादा है मगर बड़ा सच्चा प्रियवर ! गुरुर है  चांद को कि उसके पास नूर है  उसको क्या पता कि मेरा दिलवर भी कोहिनूर है ! उसकी एक हंसी पे हूं जां निसार करती चांद के दीदार का मैं, हूं  इंतजार करती हूं!! चांद की खूबसूरती में  पहरा जब है दिखता  मेरे चांद का प्यार और भी गहरा होता जाता काश वो आसमान का हम चांद सितारा हो जाते लोग हमे  देखते दूर से,  हम साथ साथ  में होते !! चांद भी शर्मा जाता जब चांद मेरा दिख जाए जाकर झट वो शर्म के मारे बादल में छुप जाए चांद को देख आसमान में सब मन ही मन हर्षाए मन मेरे चांद को देख के ,पुलकित सा हो जाए !! मेरे चादहवीं के चांद को,कहीं नजर  नही लग जाए  अपने जुल्फों में समेट उसे, बुरी नजर से हम बचाएं!! पूनम श्रीवास्तव नवी मुम्बई

चमकता सितारा

Image
कल तक जो था लुप्त आज , सितारा बन चमकता आकाश में जिसके पास आने पे दूर हो जाते थे आज अपलक देखते,तरसते हैं, जाने को पास में! सोचने पर मजबूर हुए कल का अंधेरा, आज प्रकाश है फैला रहा, ऐसा कैसे संभव हुआ, वो जग में नाम कमा रहा! कोशिश कर मैं आगे बढ़ा जा पूछने को उसके पास  ऐसा क्या किया तूने जो तुझमें इतना है प्रकाश!! सितारे ने मुस्कान भरी, बोला था एक बात  सबके दिन बदल जाते है ,और बदलती रात ! नाउम्मीदियों को कर दर किनार ,सपने संजोए करता था सपनो को पूरा करने में दिन रात न सोया करता था!! उम्मीद का दामन पकड़े पकड़े पांव की धूल से तिलक मैं बन गया  तिलक बनते ही मैं कितनो के आंखो में था चुभ गया ! बड़े लोगों के आंखो में खटकना बड़ी बात है समझ लो उसी दिन से ही जीवन में आती काली रात है!! आज मैं  सितारा बन आसमान  में चमकता हूं अपने जैसे कइयों को तिल तिल कर मरते देखता हूं!  लहरों का वेग जितना भी तीव्र हो पांव जमाकर रखना तुम  अपने श्रम के बल पर एक दिन चमकता सितारा बनना तुम!! पूनम श्रीवास्तव

भेदभाव

Image
जीवन के हर मोड़ पर, भेद भाव से भरा संसार है , कहीं जात पात तो कहीं ,धर्म के नाम पर  बवाल है कहीं गोरे का कहीं  काले का भेद है तो कही अमीर का  गरीब पर होता दिखाई देता अत्याचार है !! कही बेटी बेटे में  तो कहीं ,बहु बेटी में  दिखता भेदभाव है  बेटे को दी जाती  पूरी आजादी, बेटी की छीनी जाती आजादी बेटे पर न कोई पहरा  न अनुशासन बेटी पर सब करते हैं शासन  बहु पढ़ी लिखी कमाऊ हो साथ में गृह कार्य में दक्ष चाहिए  बेटे  को घर में पड़े पड़े केवल बादशाहियत चाहिए! कहीं योग्य और अयोग्य  में, तो कहीं अपने पराए में भेद  दिखाई देता है  और तो और कही  बच्चों में भेद, भाई बहनों में भी भेदभाव साक्षात दिखाई देता  है जिसकाओहदा बड़ा वो होता सम्मान का पात्र जो है मंद बुद्धि उसका कोई नही दरकार! ये सामाजिक और जातीय भेदभाव का नाटक ,बंद होना चाहिए, दिमाग को विस्तृत कर बड़ी सोच रखनी चाहिए! ये भेदभाव के चोचले हमने ही बनाए है आपस में व्यर्थ की दूरियां फैलाए हैं!! गर सब मिलजुलकर भेद भाव मिटाएंगे  हिंदू मुस्लिम सिख ईसाई आपस में...

सरकार

Image
सरकार ऐसी हो जो देश में, अमन शांति फैलाए मिटा दे भेद भाव जगत से, मानवता का सबक सिखाए!! सभी के पेट भरें हो ,कोई भूखा न सो पाए! तन पर वस्त्र सभी के हो पर ,निर्वस्त्र न कोई हो पाए!! सरकार हो ऐसी जो देशसे,आतंकवाद मिटाए, प्रबल सुरक्षित कर महिला को।बलात्कारियों को सबक सिखाए!! कानून सभी के लिए हो एक से ,नेता हो या जनता, अन्याय कभी न होने दे, वो रखे भाव समता का! पैरवी का खेल बंद कराकर योग्यता को महत्व दिलाए, आरक्षण बंद कराकर सबमें, समानता का भाव जगाए!! मदद गर करना है पिछड़ी जाति का  उनको अध्यन कोचिंग की सुविधा दिलाए  यूं ही योग्य विद्यार्थी का हक,बेवजह न मारा जाए !! वृद्धों व असहायों को मासिक, वेतन, सुविधा दिलवाए  जिससे कोई भी खुद को बेबस  लाचार समझ न पाए !! गर ऐसी सरकार होगी देश उन्नत हो जाएगा  अति शीघ्र  ही देश में निश्चय रामराज्य आ जायेगा!!

मेरे सामने वाली खिड़की में

Image
मेरे सामने वाली खिड़की में, दादा की उमर का रहता है अफसोस मुझे वो मुझको ,मि टू मि टू कहता है! मेरे सामने वाली खिड़की पर एक बूढ़ा  खुसट रहता है! सूरत से  है वो सत्संगी, पर बातें उसकी अतरंगी हरकत उसकी छलिया जैसी,और चाल मवाली के जैसी और ताके टुकुर टुकुर मुझको ,लगता मुझको वो गिद्ध जैसे मेरे सामने वाली खिड़की पर एक बुढा खुसट रहता है ! अफसोस मुझे है वो मुझको लव यू लव यू कहता है!! आशाराम सी है हरकत उसकी , लगे राधे मां बड़ी प्यारी है राम रहीम सा नौटंकी ,मनप्रीत ही दिल को लुभाई है अय्याशी में नंबर वन है वो ,लगता कोई नेता पक्का है !! मेरे सामने वाली खिड़की पर, एक  बूढ़ऊ बाबा रहता है  अफसोस मुझे है वो मुझ पर ,नजरों को गड़ाए रहता है!! उम्र का लिहाज मैं करती हूं ,उसको न कुछ कह पाती हूं दिखता है जब वो मुझको , मैं खून का घूंट पी जाती हूं! कब्र में पैर पड़ा है मगर, पर करता काला धंधा है  मेरे सामने वाली खिड़की पर एक पोपट बंदा रहता है  अफसोस मुझे  वो मुझ पर  अपनी गंदी  नजरे रखता है !! पूनम श्रीवास्तव नवी मुंबई  महाराष्ट्र

पहिए

Image
साइकिल के पहिए सम ,हम दोनों की ज़िंदगी चलते हरदम संग संग, है एक दूजे की बंदगी! दोनों का संतुलन है बराबर, तो बन जाती  हर बात वरना दोनों रहते ऐसे, एक डाल और एक पात! दोनों के बीच सामंजस्य ,होना बहुत है ज़रूरी  रफ़्तार भी एक दूजे की संभालना है मज़बूरी! एक दूजे के ख्वाहिशों को ,करनी  हमें है पूरी अटल विश्वास बना रहे , नज़दीकियां हो या दूरी!!

राजनीति

Image
आजकल हर तरफ, राजनीति का बोलबाला है  झूठे की जीत ,सच्चे का मुंह काला है ! राजनीति  विश्व ,देश, समाज क्या, घर घर में है चल रही , जो है राजनीतिज्ञ, उसकी ही तूती बोल रही !! राजनीति से तो इंसान क्या ,भगवान भी नही परे हैं  समय समय पर वो भी राजनीति के, पायदान पे हुए खड़े हैं ! कृष्ण की राजनीति ने ,महाभारत करवा दिया , पांडवो को विजयी बना, राज्य वापस दिला  दिया !! राजनीति के दांव पेच, शकुनि ने भी खूब खेला था  चौसर में हरा पांडव को ,द्रौपदी का चीर हरण करवाया था!  मधु कैटभ महिषासुर दानव, छल से मारे गए थे  माता दुर्गा के प्रताप से, स्वर्ग में देवगण बच पाए थे !! पहले राजनीति अक्सर, अच्छे परिणाम हेतु था होता  , आजकल तो राजनीति, सत्ता के लिए है होता ! राजनीति में डिग्री शिक्षा का, नही कोई महत्व है सच्चे और ईमानदार के लिए, समझो बिलकुल ये व्यर्थ है !! चुनाव के पहले सारे ,नेता बहुत घिघियाते हैं  लंबी लंबी बातें करते, वादों के तान सुनाते है ! सभी बात पे हामी भरते, ना नही ये कहते हैं जीतने के बाद शकल ये, अपनी नही दिखाते हैं!! अपनी हैं ये जेबें भरते ,शासन...

अतीत

Image
ऐ अतीत ऐ अतीत, तू ही मेरा है व्यतीत  कितना सुखद कितना मधुर , कितना विपुल कितना मुकुल, मेरा प्यारा सुंदर अतीत !! दिया तूने ही तो असीम प्यार, क्यूं ना होती मै खुशगवार । तुमसे जो मैंने सीखा है ,। कुछ पाया है कुछ खोया है, कैसे भूलूं अपना व्यतीत ।। ऐ अतीत...... तू ही जीवन  का  स्वर्णिम काल, मेरे सपनों का है आधार। कोमल मन का है तू प्रभाव, लेकिन अब तेरा है अभाव।। ऐ अतीत ..... तू निश्च्छल है निष्कपट है , तू निर्मल है तू कोमल है । तेरे ही एहसास से तो , वर्तमान में भी रास है।। ऐ अतीत,.... तेरे इक एहसास से , दिल पुलकित सा हो जाता है । मन नाच नाच सा उठता है , दिल झूम झूम सा जाता है।। ऐ अतीत....  आओ मेरे प्यारे अतीत , अब जल्दी वापस आ जाओ। सपनों की प्यारी दुनिया को , फिर से दिखला कर जाओ।। ऐ अतीत.... जब तू था तब एहसास नहीं, एहसास हुआ तब तू नहीं। क्यूं ना आते तुम पास मेरे, मेरे अपने प्यारे अतीत ।। पूनम श्रीवास्तव

विश्व प्रवासी पक्षी दिवस

Image
पक्षी अपने व बच्चों के जीवन यापन हेतु  इधर उधर विचरता है  मौसम की मार उसे जब पड़ती, दूर देश को जाता है ! परिस्थिति अनुसार आवास बनाता, वहीं ठहर वो जाता है , कुछ दिन प्रवास के बाद वो अपने, देश को वापस आता है !!  पहले ये पक्षी कहीं पेड़ पर ही घर बनाते थे  थक कर अपनी प्यास बुझाने नदी नाले के पास वो जाते थे ! किंतु अब तो वृक्ष देश में कहां बच पा रहे  नदी नाले भी सूख के  पानी को तरसा रहे !! इसी लिए पक्षियों की जाति ,धीरे धीरे विलुप्त हो रही प्रदूषण के कारण उनकी जाने देखो जा रही ! अतः इनके संरक्षण हेतु,विश्व प्रवासी दिवस मनाया है जाता  मई और अक्टूबर के दूसरे सप्ताह के शनिवार को दिवस आयोजित है होता!! इस साल 2022को 14मई और 8अक्टूबर को मनाया जाएगा! दूसरे देश से आने वाले पक्षी साइबेरियन, सारस अमूर फाल्कन एशियाई कोयल को संरक्षण दिलवाया जाएगा !! पक्षी हमारे लिए समझ लो बहुत उपयोगी होते है  इनके द्वारा ही फूलों में परागकण प्रक्रिया ,बीज  फैलाव कीट नियंत्रण किए जाते हैं! उद्देश्य हमारा प्राकृतिक विरासत पक्षियों को बचाना है  दूर देश से लौट कर स्व...

अहमियत

Image
आज के इस स्वार्थी परिवेश में खुद को ज्यादा अहमियत दो , सभी मतलब के साथी हैं, खुद  को न नजरंदाज करो !! खुद के शरीर ,सेहत का ध्यान ,तुम्हे ही सदा रखना है , चुस्त दुरुस्त स्वस्थ हमेशा, ही,तुमको फिट रहना है ! खुद को अहमियत दोगे गर तो, औरों खातिर कुछ कर पाओगे , कृष दुर्बल अस्वस्थ काया के, साथ न पूछे जाओगे !! अपनी खुशी को अहमियत दो, तन मन से मस्त रहो  उम्र बढ़ती है बढ़ने दो ,उसकी न तुम फिक्र करो! बचपन अपना जिंदा रखो ,जलने वालों को जलने दो फिकरें कसते है कसने दो, लोग,जो कहते कहने दो,!! दिल को जवां सदा रखो तुम ,सारे काम वही करो  एक वयस्क जो कर सकता है ,सब कुछ तुम वही करो! जब तुम खुद को अहमियत दे ,आगे कदम बढ़ाओगे जीवन पर्यंत कभी नही तुम ,खुद को बूढ़ा पाओगे !! छोड़ सारी चिंता टेंशन, सुकून चैन की सांस भरो जो  देता तुमको मान व इज्जत, उनका तुम सम्मान करो! अहम भाव से दूर रहो ,कटुता मन से दूर करो ममता की झोली से अपने, ममता का विस्तार करो!! पूनम श्रीवास्तव

रक्त दान

Image
रक्तदान ही कहलाता महादान है इससे ही मिलता मानव को जीवन दान है! अपना रक्त देकर मानव, बचाता किसी की जान है  इसीलिए ईश्वर की सर्वश्रेष्ठ रचना ,मानव होता सबसे महान है!! जात पात धर्म है इंसान में ,रक्त की कोई न जात है खून की कमी से मरते हुए लोगों के लिए ,ये सबसे बड़ी सौगात है ! स्वार्थहीन होकर जब,तुम रक्त दान करोगे  मन में अति सुकून और चैन महसूस करोगे !! पहचाने जो दूसरों का दर्द ,वही सच्चा इंसान है सभी दान में रक्त दान ,सबसे उच्च और महान है ! करके तुम  रक्त दान इंसानियत का परिचय दो! खून का नया रिश्ता जोड़ो, पहले रक्त दान करो !! नेकी करोगे फल मिलेगा ,नेकी व्यर्थ न जायेगी , बचेगा एक इंसान तो, कई चेहरों पे खुशी झलक जायेगी! रक्त  हमारे शरीर में, सदा ही बनता रहता है नए उमंग उत्साह से,हमारा जीवन भर जाता है!! हर तीन महीने में हम, कर सकते रक्त दान हैं किसी मरने वाले की, बचा सकते जान हैं! रक्तदाता का करते ,सारे ही गुणगान है रक्त दान ही सब दान में, सबसे बड़ा दान है!! पूनम श्रीवास्तव महाराष्ट्र

बेरोजगारी

Image
बेरोजगारी का ऐसा, छाया कहर  जीवन में इसने भरा जहर , बेरोजगारी जिस पर पहले, लिखते थे निबंध।  आज उसी के, हो गए हैं पाबंद ! अच्छी खासी करी पढ़ाई पर ,आज है कोई  नहीं कमाई ! न मिलती कोई लुगाई न, बनाता मुझे कोई जमाई!! जुल्म ऐसा बेरोजगारीका,रोज ताने सुन रहे हैं बाप ,भाई ,बहन सारे, बेगाने हो रहे है! दो जून की रोटी के लिए ,बड़ी, जिल्लत सह रहे है,! सारे अपने जो कहलाते , हमसे मुंह फेर रहे हैं!! कब तक खाओगे, बाप की कमाई ,मुफ्त की रोटी खाते, शर्म नही लगती ,रोज सुनना पड़ता है ! क्या करे साहब !बेरोजगारी का आलम ही ऐसा है,अपने तोअपने पड़ोसियों से भी मुंहछिपाना पड़ता है !! मम्मी से ज्यादा पड़ोस वाली ,आंटी को मेंरी पड़ी है ,! रोज नई नई हिदायतें देती ,आंखे उनकी  मुझ पर ही गड़ी हैं!!   सपनो के जो पुल बांधे थे, ताश के पत्तों  की तरह ढह रह रहे हैं! अरमान थे जो आसमान को छूने के, वो अब आसूंओं में  बह रहे हैं !! डिग्री सर्टिफिकेट लिए हम , मारे मारे फिर रहे हैं!! ये डिग्रियां और काबिलियत भी, मुझे मुंह चिढ़ा रहे हैं!! काश! अपना कोई बाप भाई  राजनीति में होता!  ...