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प्रेम

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प्रेम कोई खेल नहीं जन्नत का दीदार है,  जो जोड़े रखे दो दिलों को वो अनोखा तार है,  प्रेम सच्चे एहसासों से गढ़ा होता है,  प्रेम में मर मिटने  का पूरा हौसला होता है,  प्रेम सादगी भरा श्रृंगार होता है,  प्रेम में एक दूजे को समझ लेने का खूबसूरत अंदाज होता है,  प्रेम हार जीत से परे है,  प्रेम के दीवाने हर दर्द सह लेते है,  प्रेम अजीब सा मामला है, प्रेम में कहा कुछ अच्छा बुरा है,  प्रेम चाहत के धागों से बुना ख्वाब होता है,  प्रेम कोई खेल नहीं जिंदगी से जिंदगी का स्पर्श होता है,  प्रेम चंद ख्वाहिशों का कोई कहकशा नहीं,  प्रेम का चरित्र ही पवित्र बयार सा होता है,  जिस प्रेम में समर्पण के जगह आकर्षण हो, वो असल में प्रेम कहा होता है!        रानी साह  कोलकाता पश्चिम बंगाल

जीवन का मोल

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मौत के संयोग और जीवन के वियोग  की दहलीज पर वो अकेले खड़ी थी,  चुपचाप बे - आवाज़ एक आग में जल रही थी, उसके ख़्वाबों का घरौंदा टूट गया,  बिन आग के लपटों के ही वो सुनहरा ख्वाब जल गया,  जीवन का मोल उसने जाना था,  जब मौत के क़रीब उसका ठिकाना था,  चंद छींटों ने उसको तबाह कर दिया,  जली झुलसी चमड़ी को उसका नक़ाब कर दिया,  किसी चमक की तलाश थी उसे,  क़ामयाबी की प्यास थी उसे,  मगर एक हादसे में वो जकड़ गयी,  ज़िंदा होकर भी ज़िंदगी से उजड़ गयी,  उसके हौसलों का मकान काफी ऊँचा था,  तेज़ाब की रफ़्तार को अपने चेहरे पर पड़ने से,  उसने अपना हाथ बढ़ाकर रोका था,  पल में उसने ख़ुद को मिटते देखा,  जल गया उसका हाथ उन हाथों की रेखा,  उसके धुएं से जीवन में कोई राख़ ना बची,  कोई झुलसा गया उसके जीवन को और  वो कुछ ना कर सकी,  उसके चेहरे पर गिरे वो तेज़ाब के बुलबुले थे,  किस हद तक तड़पी होगी,  जब जलते चेहरे से मांस के टुकड़े गिरे थे,  उसकी अंधी आँखो में वो ख़्वाब थोड़ा सा ज़िंदा था,  जो किसी...

माँ अनमोल तेरा प्यार है

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तू ही जग तू ही संसार है,  माँ तेरी चरणों मे चारों धाम है,  माँ तू ही तीर्थ तू ही ईश्वर का नाम है,  माँ तुमने इतनी प्यारी मेरी दुनिया बनाई है,  कण कण में तेरी परछाई है,  माँ तेरे होने भर से ही खुशी मेरे होठों पर है,  तुझसे ही आँखों मे सपनों की छवि है,  माँ तेरा आंचल धुप में छाव बन जाता है,  मैं थक जाता जब भी तेरी कही बात हौसला दे जाता हैं,  एक पहर भी मैं अगर भूखा रहता हू,  मेरी भूख का तुझे अंदाजा हो जाता है,  मेरी मेरी बीमारी मे तू बेचैन हो जाती है,  मैं रात भर आराम से सोता था,  तू रात भर जागती मेरे फिक्र में,  आँखों मे तेरे होता आसु और दिल तेरा रोता था,  माँ जब जब तूने अपने हाथों से मुझे छुआ है,  तेरा बेटा कहना भी एक दुआ है,  माँ तुम मेरे दिल से निकली हर आवाज़ हो,  माँ तुम जीवन की कसौटी हो,  माँ तुम ही ख्वाब तुम ही पूरे अरमान हो,  तुम ही हर ख्वाहिश तुम ही ज़िन्दगी हो..!

गाँव की बातें

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गाँव की बहुत याद आती है,  आँखों में बसी गाँव की हर पत्ता पत्ता डाली है,  गाँव मेरा उजालों सा है,  सूरज की रौशनी में अंगारों सा है,  गाँव की सड़कें सुनहरी सुंदर हर चौराहा है,  गाँव की याद में जिंदा हर शहर वाला है,  आंसू समेट कर आँखों में दास्तान छुपाते है,  चंद रुपयों के मोहताज बन अपना स्वर्ण सा गाँव छोड़ जाते है,  गाँव की बातें शब्दों कौन लिख सकता है,  गाँव जैसा सुकून और कहा मिल सकता है,  बेशक कुछ संसाधनों की कमी है,  पर शहर से अच्छा गाँव की छवि है,  कुछ खास बात तो गाँव में होगा,  जो हर शख़्स को अपने तरफ खिचती है,  मिलो दूर शहर वालों के दिल में बस्ती है,  गाँव की हरियाली तीज सी,  गाँव की आबोहवा बिल्कुल अजीज सी,  गाँव हर रूप हर बहार है,  गाँव ही बेचैनी गाँव ही करार है,  गाँव में जो सादगी है,  गाँव ही हँसते खेलते घर का श्रृंगार है,  गाँव की मिट्टी महान वंदनीय इसकी महिमा है,  हर बात निराली गाँव की और अद्भुत सावन का महीना है,  गाँव कथा में गाँव प्रथा में है, गाँव व्याकुल...

गरीबी और भूख

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मानवता पे ये आघात बड़ा है,  गरीबों से कब किसी ने ताल्लुक रखा है,  हर वजूद हर वसूल फीका पड़ा है गरीबी ने बहुत कुछ समझा दिया है,  कोई अमीर चंद सिक्के अक्सर उछालता है शौहरत दिखाने को,  मैंने देखा कुछ गरीबों को जो आँखो में ख्वाब पालते हैं मुठ्ठी भर खाने को,  जिंदगी की भी अजीब मिठास है,  जो जितना गरीब है उतना ही उदास है,  किसी गरीब का तन ढक सके वो सूती का कपड़ा भी फटा है,  हैरत सी होती है कोई गरीब तरसते रहता है वही अमीरों को मौका पे मौका मिलता है,  कोई अमीर हर सुख निचोड़ रहा था,  वही एक गरीब भूख से दम तोड़ रहा था,  इस जहान की सच्चाई यही है,  किसी की दौलत की नशा उतरती नहीं किसी की दो वक़्त की भूख मिटती नहीं,  आँसू भरे आँखो में जैसे कोई अंगारा हो,  मयुशी चेहरे से लिपटी कौन गरीबों का सहारा हो,  बस दो वक़्त की रोटी के लिए नाखून चबाना पड़ता है,  धुए सा होकर पैरों तले दब जाना पड़ता है,  भूखे पेट की दुहाई कौन देगा,  भूखी ही गुजर रही है जिंदगी इस दर्द की दवाई कौन करेगा,  ए खुदा लाखों ख्वाब सच किये ...

वतन की इस माटी में शहीदों की खुशबू महके है

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ये वीर जवान हैं जो निरस पथ पे चाँद सूरज सा चमके हैं,  लिपट कर तीरंगे से शहीदों के शव फिर से जी उठते हैं,  इस वतन की माटी जितनी वंदनीय है,  उतने ही परम पूज्य है ये वीर जवान है,  मातृभूमि के प्रति समर्पण इनका सराहनीय है,  व्याकुल नेत्रों से नभ का भार उठाते है,  चिर के सीना दुश्मनों का उस माटी पे हिंदुस्तान लिख आते है,  सहेज लेते है रग रग में लहर देशभक्ति की,  भेद कर छनी करते कलेजा औकात दिखा देते ये दहशतगर्दी की,  हर सांस मे अमर बलिदान का जज्बा रखते है,  चूम कर इस वतन की माटी को शत्रुओ पे गोलिया बरसाते है,  वतन की इस माटी में वीरों के लहू का कतरा कतरा मिला है,  खुद की बलि चढ़ा कर भारत माँ की रक्षा में,  एक तिरंगे की आन की खातिर हर दर्द खुशी खुशी झेलते है,  माँ भारती की गोद में स्थान मिलता इनको,  इस वतन की माटी का कर्ज़ चुकाने के लिए, न्यौछावर कर देते वो तन मन जीवन को,  भारत की शान में लड़ते ये वीर सपूत धुरंधर है,  शहीद होकर जो बढ़ाते गौरव इस माटी की,  उन शहीद वीरों को रानी की कलम से सत् सत् नम...

"हर रूप में पिता है"

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कहते हैं कि बेटियों का मन पिता से जुड़ा होता है,  यकीनन पिता से ही परिवार पूरा होता है,  पिता ही संपूर्ण ज्ञान होते हैं पिता ही हर सीख है,  पिता के रूप में भगवान देखा पिता ही हर घर के शिव है,  अधूरी ख्वाहिशों को मार कर हर ख्वाब पूरा करते है,  अपने हौसलों से हमारे अरमानों का उड़ान भरते है,  ना गम का एक कतरा देखा हर दुख से अंजान है,  सपनों के सच होने से नहीं पिता के नाम से पहचान है,  पिता ही सम्मान है पिता ही अभिमान है,  पिता है तो हर रोग का इलाज है,  पिता ख्वाब है पिता ख्याल है पिता ही एहसास है,  पिता की आशीष हर वक़्त अपने बच्चों के साथ है,  पिता है तो संस्कारों की नीव है,  पिता की मौजुदगी मे सुखी हर सजीव है,  बेटियां पिता की वजूद होती है,  बेटियां ही हर पिता के अमीर होने का सबूत होती है,  बेटियों का जहान पिता शब्द मे पूरा है,  पिता बिन हर बेटी की खुशी अधूरा है,  पिता अनमोल धरोहर होते है,  पिता ही सोने चांदी के सरोवर होते है,  पिता ही सपनों का आधार होते है,  पिता ही हर लड़की क...