..... अजी सुनती हो,दीपक ऑफिस से शाम को वापस आकर बोला।.... अरे आप आ गए, रेवा ने पूछा.... हां भई,तभी तो नजर आ रहा हूं। सुनो आज लंच टाइम में शर्मा जी ने अपना टिफिन शेयर किया था, क्या सब्जी बनाई थी भाभी जी ने!!.... मजा आ गया। ....अच्छा कभी मेरी सब्जी की भी तारीफ कर दिया करो .......अरे तुम तो रोज ही अच्छी बनाती हो........ तो रोज कर दिया करो ,तारीफ के दो शब्दों से क्या तुम्हारा मुंह घिस जाएगा ..!!!ही ही ही.... अच्छा ठीक है, कल से रोज तारीफ किया करूंगा। तुम भी वैसे ही सब्जी बनाना ,मैं रेसिपी पूछ कर आया हूं। ठीक है , रेसिपी बताओ... कद्दू और अंगूर दोनों को फिफटी फिफ्टी लेना, पहले कद्दू उबाल लेना ,फिर उसमें हींग, करी पत्ता, सरसों का दाना, मेथी दाना और साबुत लाल मिर्च से तड़का लगाना ,आखिर में अंगूर डालकर 1 मिनट पकाना।.... ठीक है, कल संडे है तो कल यही बनाऊंगी । .....फिर आया अगला दिन..... यानी संडे... दीपक को आज लंच का बेसब्री से इंतजार था क्योंकि उसे कद्दू अंगूर की सब्जी खानी थी। लंच टाइम में रेवा ने दीपक के लिए लंच लगाया और फिर...