स्व चालित मशीन है जो, कंम्पयूटर से नियंत्रित है जो, मानव द्वारा बनाया गया है जो, यंत्रचालित रोबोट ही तो है वो, मनुष्य नहीं पर दिखता है हू-ब-हू, चलता, फिरता रहता घूम-घूमकर, उद्योगों में करता काम बहुत खूब, यातायात नियंत्रण करता रहकर सतर्क, चीते जैसी चाल चल, बन जाता सैन्य रोबोट, अस्पतालों में कर रहे चिकित्सकों की मदद, बना दिये हैं ऐसे यंत्र चालित रोबोट बहुत, द्रोण बन करता सीमा पर सुरक्षा भी, कर नहीं सकता मनुष्य जो काम, कर देता पल भर में ये मशीनी मानव महान, तकनीकों के बढ़ने से जहॉं मिलती है सुविधा, वहीं युवाओं पर हो रहा कुठाराघात, बढ़ रही बेरोजगारी, श्रमिक भी बैठ गये खाली, सब कुछ कर सकने की होगी क्षमता इनमें, पर चला नहीं सकते समाज, संस्कृति और कानून, समझो सभी इस बात को, बुद्धि हीन हैं ये सभी, इन पर निर्भरता से पाओगे तकलीफ़। © मनीषा अग्रवाल इंदौर मध्यप्रदेश