चाय की बात ही खास है एक घूंट पीते ही होता ताजगी का एहसास है चाय के साथ हो उनका साथ तो इससे बड़ी क्या बात।। ☕☕☕☕ सुबह से शाम तक तु कितनों को जगाती है दिन भर की टेंशन तु एक कप मे भगाती है।।
तुझे रोकने का बहाना मुझे पता है जब भी तु जाने की बात करे बस तुझे चाय पिलाकर रोकना है। मेरी सुबह भी शाम भी तुम्ही हो मेरे सर दर्द का आराम भी तुम्ही हो इतनी मोहब्बत है तुमसे कि मेरे हर सुख दुःख के साथ तुम्ही हो।।
सोच रहे है धीरे धीरे तुमको अपना बना ले, सोच रहे है.... धीरे धीरे तुमको अपना बना ले हर वक़्त चाय में घुली हुई शक्कर की तरह तुम्हे अपना ले l जैसे जैसे ये दिन शाम की चादर ओढ़ती है, वैसे वैसे ए "चाय" तेरी तलब होती है l
बस एक खुशी चाहिए, तुम से हम तक का सफर चाहिए....... देना तुम ताउम्र साथ मेरा, तेरे जैसा नहीं मुझे तु चाहिए..,..,. हो हमारा भी एक आशियाना, बस छोटा सा घर चाहिए......... दुर न जाना मुझसे कभी, यही एक कसम चाहिए l तुम से हम तक का सफर चाहिएll
तुझे देखते ही एक नशा सा हो जाता है, देना रहता है किसी ओर को☕ पीना हमारा हो जाता है। ☕ ☕ लोग कहते है हर बात का वक़्त होता है पर चाय का तो कोई वक़्त नहीं होता।
सुना है सब मिल जाता है दुआ से, अब तुम बताओ मिलोगे या फिर, मांगू ख़ुदा से l मुझे फ़ुर्सत ही कहा जो मौसम सुहाना देखू, तेरी यादों से निकलूं तो ज़माना देखू l
हाल मत पूछो सब मजे मे है, पी थी चाय सुबह, अभी तक नशे मे है l ☕☕ काफ़ी मे तो दिल सब बनाते है, लगाते बहुत कम है, चाय मे दिल तो नहीं बनाते, पर लगाते सब है l☕ हाथों में हाथ डालकर 5star होटल मे वो ले गया, ☕ चाय पी कर, बील वो मेरे लिए छोड़ गयाl😭
एक खूबसूरत बनारस की शाम हो मै हूँ तूम हो, कुलहड मे वो अदरक वाली चाय होl सुबह की पहली किरण हो तुम और रात की आखिरी रौशनी हो तुम सिर्फ मेरी हो तुमl☕☕ लोग कहते हैं कि दो दिन की जिंदगी है, हमारे लिए तो चाय की दो घुट ही जिंदगी है l
इस भागती हुई जींदगी पर कैसे लगाम लगाई जाए, ए वक़्त आ बैठ, तुझे एक कप चाय पिलाई जाए l जींदगी की परेशानीया कितनी उलझाती है, और चाय उसे कितना सुलझाती सुलझाती है l
शायरी और जिंदगी दोनों एक ही होती है ना , मुझे लगता है दोनों सहेलियां सी होती है ना। जिंदगी रोज सबक सिखाती है , शायरी उन्हें अल्फाज दिए जाती है । जिंदगी रोज नए रंग दिखाती है , शायरी रंगों में डुबोती जाती है। जिंदगी बेवफा है बेवफाई निभाती है, शायरी बेवफाई को भुलाती जाती है। जिंदगी का अगला छोर मौत है , शायरी मौत को गले लगाने से बचाती है। बस लिखते रहो चंद अल्फाज जिंदगी भर ,'सीमा' शायरी तो यूं ही खुद ब खुद बन जाती है।
तुम्हारे रगों में खून बहता है जूनून बनकर, हमारे रगो में तो चाय दौड़ता हैं सुकून बनकर। ☕☕ तुमको तो मेहगी शराब की लत है, हमे तो दस रुपये वाली चाय की आदत है।