मोहब्बत चाय से


इस भागती हुई जींदगी पर कैसे  
लगाम लगाई  जाए, 
ए वक़्त आ बैठ, तुझे एक कप चाय पिलाई जाए l

जींदगी की परेशानीया कितनी उलझाती है, 
और चाय उसे कितना   सुलझाती  सुलझाती है l

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