" बारिश की बूंदे "
रिमझिम - रिमझिम सी बूंदे , जग कर ,आंगन में आई ... अपने लघु उज्जवल तन में, कितनी है सुंदरता लाई... मेघों ने भी गरज गरज कर, मादक संगीत है सुनाया... ठंडी ठंडी हवा है चलती, चारों तरफ हरियाली छा जाती... वर्षा के यह मनमोहक बादल , लाते हैं रिमझिम बारिश का जल... रिमझिम बारिश की छंटा निराली, दे खुशियां , भर दे सबकी झोली.... मंजू रात्रे ( कर्नाटक )