Posts

Showing posts with the label Sweta Arora

देशभक्ति

Image
बात चली जब भी देश की,देशभक्ति रगो मे दौडने लगी, देश के वीर जवानो ने ना की परवाह जान की,हौंसले दुश्मनो के तोडने लगी! देश की मिट्टी से प्यार है कितना,हमको ये बतलाते हैं, कैसे उतारे कर्ज धरती मां का,हमारे वीर जवान जांबाज़ी से अपनी दर्शाते हैं! झुकने ना देंगे नाम अपने देश का,हर एक सांस ये कहने लगी, हर खून मे उबाल आ जाता है, जब बात अपनी धरती की हो, अपनी मां के दूध का कर्ज उतारा, सीना पिता का चौडा किया, देश की रक्षा की खातिर वीरो ने हमारे सर्वस्व अपना न्यौछावर किया! देख के बलिदान अपनो सपूतो का धरती भी आशीर्वाद बरसाने लगी!                                   श्वेता अरोडा

औरत

Image
  कभी -कभी लगता है कि औरत बंदिशो मे जकड़ी एक कैदी है, इच्छाओं को पूरा करने की इजाजत मांगती एक फरियादी है! रूढियो का दामन धामे एक बडी आबादी,गला उसकी इच्छाओ का घोंटती है, कभी जब वह अपने मन की करके,पुरानी विचारधारा के नियम तोडती है! कभी -कभी मन उसका भी चाहे,सुनना अपने अंतर्मन को, अपनी मरजी से जीने का,अपनी मरजी से ढकने को अपने तन को! अलग-अलग है नियम कायदे,स्त्री-पुरुष के लिए समाज मे,स्वछंद घूमे पुरूष हरपल, स्त्री के लिए अभी भी समाज मे लक्ष्मण रेखा बाकी है! सदा जीती आई औरो की खातिर, अपनी इच्छाओ का गला घोंटने की आदी है! इच्छाओ को पूरा करने की इजाजत मांगती फरियादी है!                                            श्वेता अरोड़ा

प्रेम की निशानी

Image
अजीब ही नही कुछ अलग सी है तेरी मेरी प्रेम कहानी है मेरे पास तेरी और तेरे पास मेरी सिर्फ प्रेम की निशानी! मुददते हो गई  देखा नही जान को अपनी नजर भर के भेज दिया प्यार को अपने नजरो से दूर,दिल पर पत्थर रख के, आज सोचा तो भर आया दिल मे प्यार का सागर,आंखो मे पानी चाहा था तुझे चाहेंगे तुझे,जीवन की आखिरी सांस तक, तोडेंगे ना भरोसा तेरा,प्यार पर अपने विश्वास रख, याद करेंगे लोग जब जब याद करेंगे हमारी कुर्बानी! प्यार तेरा पाकर इस जीवन मे,हो गई संपूर्ण मै इस संसार मे, अब ना चाहूँ कुछ भी,साथ तेरा पाकर लूं विदा इस संसार से! प्यार मे तेरे पागल हो गई,बन गई मै दीवानी, अजीब ही नही कुछ अलग सी है तेरी मेरी प्रेम कहानी!                                                 श्वेता अरोड़ा

खून बन गया पानी

Image
खून बन गया पानी देखो,लोग करते मनमानी देखो! ईमानदारी रह जाती पीछे हरदम,दौड लगाती बेईमानी देखो! सच को सच साबित करना है मुश्किल, झूठी दुनिया की ये कहानी देखो! लाज शर्म सब भूले बैठे,आंखो का मर गया पानी देखो! बन्दर बांट मे जीवन कट गया,सुलझी नही कहानी देखो! दो और दो चार का मेल ना जाने,ज्ञान बांट रहे अज्ञानी देखो! नजरे मिला ना सके झूठ सच से,सच्चाई की ये निशानी देखो! रौनके रहती थी कभी जिस महफिल मे,उसमे फैली अब वीरानी देखो! लालच बढ गया हर इंसा का,मेरा मेरा संभालते गया बुढापा, बिखेरती चली जवानी देखो! खून बन गया पानी देखो, लोग करते मनमानी देखो!                                                श्वेता अरोड़ा

उम्र का आख़िरी पड़ाव

Image
उम्र के इस पड़ाव पर दिल तो हो जाता है बच्चा जी कुछ कर पाने की ना रहती ताकत,सीखने मे भी रह जाता कच्चा जी! छोटे बच्चे की तरह बच्चा बन जाने को मन ललचाए, टाॅफी की जगह दो बोल मीठे सुन कर मन खुश हो जाए! रुपया पैसा चाहे नही,बस चाहे एक  व्यवहार अच्छा जी! झूठी करे नोक-झोंक हमसफ़र से,पर करे प्यार सच्चा जी! चटपटे खाने को भी तरसते, क्यूंकि शरीर को अब ये सब नही पचता जी, नाती पोतो के बीच मे खुशियां ढूंढे,तन्हा मन अब कही नही लगता जी! बालो मे भी अब आ गई सफेदी,झुर्रिया भी अब छिपती नही, बचपन छूटा गुजरी जवानी,ये ही एक बुढ़ापा जो कि आकर जाता नही! अनुभव से बाल पक गए सभी,हकीकत को नही दे सकते गच्चा जी, समय आखिरी है सोच कर अब मन  नही करते कच्चा जी! उम्र के आखिरी पड़ाव का अहसास ये सच्चा जी!                                                 श्वेता अरोड़ा

इंतजार

Image
हो गई मेरे जीवन की शाम तेरे इंतजार मे बेरंग हो गए सब रंग तेरे इंतजार मे! एक खूबसूरत सा ख्वाब बनके क्यूं आया, हम होंगे दो जिस्म एक जान सपना क्यूं  दिखाया! अब फूल खिलते नही यहां ना पतझड मे ना बहार मे, पत्थर सी शिला बनी बैठी हूं तेरे इंतजार मे! अश्कों को कर लिया कैद,पलको के पिंजरो मे, मुस्कराहट अब कभी ठहरती नही मेरे अधरो मे, अब तो कोशिश मे हूं दुनिया को छोड़कर जाने की, हल्की सी आहट दे जा अपने आने की, ना आया तू तो मै रहूं ना रहूं ये आंखे खुली रहेंगी तेरे दीदार मे, हो गई मेरे जीवन की शाम तेरे इंतजार मे!                                                 श्वेता अरोड़ा

रिश्ते मतलब के

Image
आज सोचा तो आँसू भर आए,है कौन अब जो गले से लगाए! मुददते हो गई खिलखिलाए, है अब कौन जो आवाज दे कर बुलाए!   मैया छूटी,बाबुल छूटा,राखी वाला हाथ भी छूटा,दूर हो गए हमजोली भी, कर्कश वचनो के बाणो ने जगह ले ली,छूटी मीठी बोली भी! मतलब के है रिश्ते सारे, मतलबी दुनिया वाले हैं, उजला अपना तन वो रखे मन रखते सभी काले हैं! देख के मेरे मन की पीडा,अब तो गगन भी नीर बहाए! षड्यंत्रो का रचकर जाल अभिमन्यु को फंसाते हैं, माया के मोह मे अपने ही अपनो को शिकार बनाते हैं! साजिशो को रचने वालो,लाज तुम्हे जरा ना आए! दिल ही है ये पागल अपना, मतलब के रिश्तो के बिना चैन जरा ना पाए! आज सोचा तो आँसू भर आए, है अब कौन जो गले से लगाए!                                               श्वेता अरोड़ा

बेरोजगारी

Image
भारत देश एक महान देश है,पर ये अभी कर रहा सामना कई बीमारियो का,कर लो इसे स्वीकार,  पढ लिख कर भी खाली बैठे,नही है रोजगार!  सबसे बडी बीमारी है इसमे से बेरोजगारी, जनसंख्या वृध्दि से जंग लग गई डिग्रीया सारी! रोजगार ना होने से है युवा लाचार,  कैसे करवाए इलाज मां का,जो है घर मे बीमार!  जनसंख्या वृध्दि होती जाती दिन रैन, लगाम लगा लो इस पर, तो आए थोडा चैन! कल सुनने मे एक किस्सा दयनीय आया, हो गया बेरोजगार कोरोना मे,उसने बताया, ले कर डिग्री घूम रहा था,रोजगार कही ना पाया! भूख पेट की शांत करनी थी बच्चे की,तो ख्याल इक मन मे आया, ईमान ताक पर रखकर, चोरो संग हाथ मिलाया! मजबूर था वो इक बाप के रूप मे,फंसा बीच मंझधार! क्योकि रोजगार ना होने से है युवा लाचार !                                                                                श्वेता अरोडा

भुखमरी

Image
रोता बिलखता बालक देखा,था बहुत परेशान, पेट मे भूख थी उसके,बदन खुला राह चला वो अनजान! घूम रहा था बेबस,करूणामयी नजरो की तलाश मे, मुंह फेर कर चले जा रहे सभी,वो देख रहा सभी को एक रोटी की आस मे! पैदा कर क्यू छोड दिया,क्यू नही दी मुझे कोई पहचान,  गांव-गांव शहर शहर भटक रहा,बेच अपना ईमान!  पहुंचा चौखट ईष्ट देव की,छोडा एक कटु बाण, बोलो प्रभु गलती मेरी,मुझसे क्यू हो अनजान,  छूकर देखो मेरे प्रभु मुझे,मुझमे भी है जान! क्योकि मै भी हूं इंसान, मै भी हूं इंसान,  कहकर प्रभु से ऐसा वो हो गया निष्प्राण!                                             श्वेता अरोडा

बीते समय की बाते

Image
बीते समय की बाते मुझे सोने नही देती, वो जानी पहचानी आहटे मुझे सोने नही देती! खुद को भी कर बैठे कुर्बान,कोई जरा सी बात पर, कुदरत भी आज आँसू बहा बैठी मेरे हालात पर, गैरो की करे क्यूँ बात,खंजर हाथ मे है अपनो के,बात ये मुझे सोने नही देती! बिना जुर्म के बिना गलती के,मुजरिम हमको बना दिया, गैर तो चलो गैर थे,अपनो ने भी तो दगा किया, बिगड़ी हमसे कहाँ बात,बात ये मुझे सोने नही देती! जिन्दा हूं मै अभी,क्यूँ दफन हो गए सभी जज्बात, बात मुझे ये सोने नही देती! बीते समय की बात मुझे सोने नही देती!                                               श्वेता अरोड़ा

माता-पिता

Image
मुकम्मल ये सारा जहां नही होता,जब सर पर साया माता- पिता का नही होता, भीड़ मे भी नज़र  आती है तन्हाई, खुशियो मे भी दिख जाती है अक्सर रुसवाई, सुबह की धूप भी लगती है अल्साई, जब तक हर सुबह में प्यार माता-पिता का नही होता! कहने को तो सारा जहां  ही अपनी- अपनी जगह है, चांद तारे आसमां भी अपनी -अपनी जगह है, वो ही शहर है वो ही गली, घर भी अपनी जगह है, पर अब वो घर आंगन से प्यार का बुलावा माता-पिता का नही होता! खुशी की रोशनी को भी ढक लिया गम के अंधियारो ने, फर्ज का अब रूप ले लिया अपने अधिकारो ने, फुर्सत ही कहां जो अब सोचे सिर्फ अपने बारे मे, अहसास अब वो हो गया जो रहने पर माता-पिता के नही होता! सच ही है मुकम्मल ये सारा जहां नही होता, जब सर पर साया माता-पिता का नही होता!                                                  श्वेता अरोड़ा

दास्तां दर्द की

Image
लिखने बैठी जब दास्तां अपनी तो कागज भी आंसू बहाने लगे, दर्द की दास्तां ही थी कुछ ऐसी, कि एक-एक लफ्ज मुझको रुलाने लगे! खुशी से ना रहा दूर दूर तक का रिश्ता,दुख हरपल हाथ थामे रहे, समझ कर किस्मत का खेल,हरपल हम मुस्कुराते रहे! थकने लगे जब थपेडे सह सहकर जिन्दगी के जुल्मो के, तो कतरा कतरा जिन्दगी को बिताने लगे, देख कर हालात मेरे लोग मुझपर मुस्कुराने लगे! समय ने ली करवट और दुनिया बदनसीब की भी आबाद होने लगी, एक लंबी पतझड के बाद,बगिया मे उसके भी बहार आने लगी! खुशियो से उसकी रंज रखने वालो को दर्द दिल मे होने लगा, खुशिया देख उसकी, एक एक रिश्ता दूर उससे होने लगा! देख खिलखिलाहट उसकी,अब वो आंसू बहाने लगे! सच ही कहा है किसी ने कि लोग अपने दुख से नही दूसरो की खुशियो से दुखी है, अल्फाज ये अब मुझको समझ आने लगे! लिखने बैठी जब दास्तां अपनी तो कागज भी आंसू बहाने लगे!                              श्वेता अरोडा

सपनो का घर

Image
एक घर हो प्यारा सा, घर मेरा सपनो का घर हो उसमे एक सुन्दर सा, मेरी मां का मंदिर हो! उसमे रहे मेरी मैया,हर पल उस घर मे विराजे, पूजा करूं आरती उतारूं,घंटा ध्वनि हर पल बाजे! करूं एक करूण पुकार मां से अपनी,मेरा ऐसा घर हो! घबरा जाऊं जब किसी मुश्किल से,आंचल मे वो छुपा ले, मै रख दूं सर गोद मे उसकी, और वो मुझको सुला दे! जोत जलती रहे सदा उस घर मे नाम की तेरी,ऐसा मेरा घर हो! तेरे बिना ना मै कुछ भी मैया,कृपा अपनी बरसा दे, मै हूं भिखारी तेरे दर की,भक्ति मुझे दिला दे! आंखे बंद करूं तो तू ही तू हो, खोलूं तो तू हो,मां मुझे एक ऐसा सपनो का घर दिला दे!                                श्वेता अरोडा

मां-मुरादे पूरी करने वाली

Image
लिखूं जब भी कुछ,ये कलम मेहरबां मुझपर हो जाए, समेट कर रख दूं अल्फाज सारे,लफ्ज दिल के सारे बयां हो जाए! बिन बोले समझ लेना मेरी मां,तू तो दिल की बात सुनने वाली है, मै हूं तेरी शरण मे मैया,तू मुरादे पूरी करने वाली है! छोटा सा घर हो मेरा उसपे हो आंचल तेरा,तो धन्य जीवन मेरा हो जाए! तेरी करूणा का ना कोई पार है,सारे जग मे तेरा विस्तार है, छोटी सी है अर्जी मेरी,पर है इसमे भी मर्जी तेरी,करना मुझको भव से पार है! ना परवाह हो दिन रात की,ना हो परवाह परिवार की, बस जुबां पर नाम तेरा हर बार हो जाए! लिखूं जब भी कुछ ये कलम मेहरबां मुझपर हो जाए!                                        श्वेता अरोडा

उम्मीद की किरन- मेरी मां

Image
मां झंडेवाली तू ही तू, मेरा सहारा बस तू ही तू, उम्मीद से बढ़कर तूने झोली मेरी भर दी है, जहां ना पहुंच पाए सोच मेरी,तूने वो भी खुशी मेरी कर दी है! जहां से ना रखूं उम्मीद कोई बस एक आसरा तेरा है, समझ ना पाए जगत मे कोई भी,रिश्ता जो तेरा मेरा है! दुखी जो मै हो जाती हूं, दर्द तझे हो जाता है, शब्दो की नही मुझे जरूरत,मेरी आंखो से पता तुझे हो जाता है! मेरी जरूरत तू ही समझे,मेरे बयां करने से पहले आभास तुझे हो जाता है! मेरा तो सब कुछ तू ही मैया,मुझे तो चहुं ओर एक चेहरा तेरा ही नजर आता है! मेरी उम्मीद भी तू,मेरी आस भी तू, मां झंडेवाली तू ही तू🙏                                            श्वेता अरोडा

नवरात्रे मैया के

Image
जगतजजनी मेरी मेरी प्यारी,तुझे पूजे हर नर नारी, मन की सारी आस पुजाती,इच्छा पूरी करती सारी! हर दुःख से हर संकट से मां शैलपुत्री रूप मे बचाएं, विपदा जब घिर- घिर आए तो ब्रह्म चारिणी मां तू ही सहाएं! महिमा तेरी कही ना जाए,चंद्रघंटा तू नाम कहाए, कर्मो के फेर से भी कूष्मांडा मां तू ही बचाएं! पूजू  तुझे मै दिन-रात,जब-जब स्कन्दमाता बन के आए, कात्यायनी रूप तेरा अपरम्पार,छवि तेरी मेरे मन मे बस जाए! मां कालरात्रि की महिमा निराली,मनवांछित फल देकर जाए! महागौरी तेरी जोत-जगाऊं,भक्त को राह देना दिखलाए, सिद्धिदात्री मां हर पल विराजो ह्रदय मे, रहूं ना मै निसहाय! नव दुर्गा के नौ रूपो का ध्यान करूं दिन रैन, माता के चरणो मे ही मिलता मुझको सच्चा  चैन!                                            श्वेता अरोडा

पैसा

Image
पैसो की जिन्दगी मे बहुत बडी बिसात है, मिनटो मे दिखाता इंसान को इंसान की औकात है! सूंघ कर खुशबू पैसो की,रिश्ते दूर के भी पास आ जाते हैं, देख कर तंगी पैसो की,पास के रिश्ते भी पीठ दिखाते हैं! दिखा दो गठरी सोने की,चमक पैसो की,बेनाम रिश्ते भी चले आएंगे, दिखा दो अपनी फटी चादर की सलवटे,सगे भी दूर चले जाएंगे! ईमानदारी को बरसो की मिट्टी मे मिला दे,ताकत वो पैसो मे है, बेईमानो को शरीफ दिखाने की हिमाकत पैसो मे है! आज भूखे ही सही कल मिलेगा भरपेट, उम्मीद मे इसी बिताता एक गरीब सारी रात है, हर उम्मीद उसकी दम तोडती जब एक बेईमान पैसे वाला,स्वाभिमान पर उसके करता आघात है! सच ही तो है पैसो की जिन्दगी मे बहुत बडी बिसात है! मिनटो मे दिखाता इंसान को इंसान की औकात है!                                            श्वेता अरोडा

मै खुश हूं

Image
छीनना तो सबको आता है,छोडना आए तो कोई बात बने, मै खुश हूं कि प्रभु ने मुझे छोडने के काबिल बनाया! इज्ज़त उतारना तो आसान है जहां मे,इज्ज़त करना आए तो कोई बात बने, मै खुश हूं कि प्रभु ने मुझे इज्ज़त देने के काबिल बनाया! फर्ज से अपने मुंह मोड़ती तो दुनिया देखी, फर्ज निभाना आए तो कोई बात बने, मै खुश हूँ कि प्रभु ने मुझे फर्ज निभाने के काबिल बनाया! सुख मे तो खुश सभी रहते हैं,दुःख मे रहे खुश तो कोई बात बने, मै खुश हूं कि प्रभु ने मुझे हर हाल मे खुश रहने के काबिल बनाया! कटु शब्दो के बाण तो आसान है चलाना,मृदु हो वाणी तो कोई बात बने, मै खुश हूं कि प्रभु ने मुझे, कटु शब्दो को सह कर चुप रहने के काबिल बनाया! आईना तो नित देखे सभी,अंतरात्मा से कभी नजरे मिलाए तो कोई बात बने, मै खुश हूं कि प्रभु ने मुझे खुद से नजरे मिलाने के काबिल बनाया!                                               श्वेता अरोड़ा

आईना

Image
आईना दिखा दो लाख दुनिया को, झांको कभी अपने गिरेबां मे तो कोई बात बने, बेइमानी मे तो जीवन पूरा बिताया,कुछ पल ईमानदारी मे बिताओ तो कुछ बात बने! जख्मो को कुरेदना तो है बहुत आसान,मरहम बनो किसी का तो कोई बात बने! बदला लेने की भावना मे तो बीती जिन्दगानी,कुछ गलतियां अपनी भी मान जाओ तो कुछ बात बने! कीचड तो बहुत उछाली औरो के  उजले दामन पर, कभी उजला अपना दामन भी कर लो तो कोई बात बने! छुरा तो कई बार घोंपा दोस्तो की पीठ मे,कभी दुश्मन को भी गले लगाओ तो कोई बात बने! आंखे तो बहुत तरेर कर दिखाई औरो को, कभी नजरे खुद से मिलाओ तो कोई बात बने!                                       श्वेता अरोडा

पैसा

Image
पैसो की जिन्दगी मे बहुत बडी बिसात है, मिनटो मे दिखाता इंसान को इंसान की औकात है! सूंघ कर खुशबू पैसो की,रिश्ते दूर के भी पास आ जाते हैं, देख कर तंगी पैसो की,पास के रिश्ते भी पीठ दिखाते हैं! दिखा दो गठरी सोने की,चमक पैसो की,बेनाम रिश्ते भी चले आएंगे, दिखा दो अपनी फटी चादर की सलवटे,सगे भी दूर चले जाएंगे! ईमानदारी को बरसो की मिट्टी मे मिला दे,ताकत वो पैसो मे है, बेईमानो को शरीफ दिखाने की हिमाकत पैसो मे है! आज भूखे ही सही कल मिलेगा भरपेट, उम्मीद मे इसी बिताता एक गरीब सारी रात है, हर उम्मीद उसकी दम तोडती जब एक बेईमान पैसे वाला,स्वाभिमान पर उसके करता आघात है! सच ही तो है पैसो की जिन्दगी मे बहुत बडी बिसात है! मिनटो मे दिखाता इंसान को इंसान की औकात है!                                            श्वेता अरोडा