दहेज दानव
चले लालाजी ढूंढने बेटे के लिए दुल्हनियां शर्त रखीं बेटी बाले के सामने दो चार । गऊ सी सीधी होय रंग से हो गोरी कन्या। चाल में नजाकत ,आवाज कोयल सी है ना। दहेज में ,वो ले आये जिसका देखा सपना । कार स्कूटर,ऐसी ,पंखा,कपड़ा बिस्तर ,गहना। परिवार वालो का हो खूब मान सम्मान । कमी कुछ रह ना जाये दान दहेज हो इतना। सोना चांदी से घर भर दे ऐसी हो कन्या । पढ़ी लिखी होकर ,धन कमाए हर माहिना ।