योग का महत्व
योग एक आध्यात्मिक प्रकिया है जिसके अंतर्गत शरीर, मन और आत्मा को एक साथ लाने का काम होता है अर्थात् योग के द्वारा एकाग्रचित्त होकर तन और मन को आत्मा से जोड़ते हैं। गीता में श्रीकृष्ण ने एक स्थल पर कहा है 'योगः कर्मसु कौशलम्' अर्थात् योग से कर्मो में कुशलता आती है। हमारे देश का प्राचीन इतिहास बेहद गौरवशाली रहा है, हमारा देश ऋषि-मुनियों का देश रहा है और उस समय ऋषि-मुनि नित्य योग क्रिया करते थे, कदाचित् इसीलिए वर्तमान समय में बहुत से लोग इसे धर्म से जोड़कर देखते हैं और इसका विरोध करते हैं किन्तु इसे धर्म से जोड़ना सर्वथा गलत ही है और धर्म से जोड़कर इसे न अपनाने के सिर्फ दो ही कारण हो सकते हैं, एक तो अज्ञानता और दूसरा राजनीतिक कारण। यदि इन दो कारणों को छोड़ दिया जाए तो योग का विरोध करने या इसे न अपनाने का कोई औचित्य नहीं। वर्तमान समय में रोजमर्रा के भागमभाग भरे जीवन, प्रदूषण से युक्त वातावरण, अशुद्ध और अनियमित आहार, अनियमित जीवनशैली के कारण लोग मानसिक तनाव, शारीरक व मानसिक अस्वस्थता जैसी कई समस्याओं से जूझ रहे हैं, हर दस में से छः व्यक्ति मोटापे का शिकार दिखाई देता है। ऐसी परेश...