आखिरी अदालत
जब आखिरी अदालत मे तेरा मुझसे सामना होगा मुझे यकीन है पूरा पलड़ा मेरा ही भारी होगा एक तरफ होगी मेरी मोहब्बत दुसरी ओर तुम्हारी जफा होगी एक तरफ होंगे मेरे बहाये आँसू तेरा मुझपे हँसना दुसरी ओर होगा जब चलेगा मुकदमा आखिरी अदालत मे तब मेरा वकील मेरा खुदा होगा। तब तुम पर लगेंगे इल्जाम बेवफाई के और चश्म्दीद गवाह ये आँसू होंगे। उस आखिरी अदालत के तराजू मे जब रखे जायेंगे सबूत तेरी जफा के तब मेरा वकील मेरी ओर से दिखायेग सबूत मेरी वफा के मुझे यकीं है मुकदमा ये चलेगा जब आखिरी अदालत मे तब हर बहस के बाद मुझे मिलेगी जीत आखिरी अदालत मे। कविता गुज्जर
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