"हर रूप में पिता है"

कहते हैं कि बेटियों का मन पिता से जुड़ा होता है, 
यकीनन पिता से ही परिवार पूरा होता है, 
पिता ही संपूर्ण ज्ञान होते हैं पिता ही हर सीख है, 
पिता के रूप में भगवान देखा पिता ही हर घर के शिव है, 
अधूरी ख्वाहिशों को मार कर हर ख्वाब पूरा करते है, 
अपने हौसलों से हमारे अरमानों का उड़ान भरते है, 
ना गम का एक कतरा देखा हर दुख से अंजान है, 
सपनों के सच होने से नहीं पिता के नाम से पहचान है, 
पिता ही सम्मान है पिता ही अभिमान है, 
पिता है तो हर रोग का इलाज है, 
पिता ख्वाब है पिता ख्याल है पिता ही एहसास है, 
पिता की आशीष हर वक़्त अपने बच्चों के साथ है, 
पिता है तो संस्कारों की नीव है, 
पिता की मौजुदगी मे सुखी हर सजीव है, 
बेटियां पिता की वजूद होती है, 
बेटियां ही हर पिता के अमीर होने का सबूत होती है, 
बेटियों का जहान पिता शब्द मे पूरा है, 
पिता बिन हर बेटी की खुशी अधूरा है, 
पिता अनमोल धरोहर होते है, 
पिता ही सोने चांदी के सरोवर होते है, 
पिता ही सपनों का आधार होते है, 
पिता ही हर लड़की का पहला प्यार होते है, 
पिता है तो ये चमन ये बहार ये आसमान ये फिज़ा है, 
सच कहुं पिता है तब ही जीने में मजा है ।

- रानी साह
कोलकाता ( पश्चिम बंगाल ) 

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