तू मेरा मैं तेरा हूं।


मेरे श्रीकृष्ण कहते हैं-

सच कहता है तू मेरा है मैं तेरा हूं
निराशा के अंधकार में आशाओं का सवेरा हूं
तू ही भूल बैठा है मुझे मैं तो बस तेरा और तेरा हूं
सच कहता हूं आत्मबोध कर  तू मेरा है मैं तेरा हूं

आकाश में मैं पृथ्वी में मैं
अन्त हूं मैं आरम्भ हूं मैं
व्याप्त सृष्टि के कण कण मैं
रस्सी से बंधा माखन हेतु मचला हूं प्रेमाभक्ति के अधीन मैं
नन्हा बालक बन खेला हूं रज कण में मैं
विराट परमेश्वर धर्म का सारथी हूं रण में मैं
तुम्हारे ही उद्धार हेतु कभी हूं राम कभी हूं श्याम मैं
तुम मेरे ही अंश हो हूं अविनाशी परमात्मा मैं
कभी निहार लेना कभी पुकार लेना
तुझे तुझसे फुर्सत मिले तो
योगमाया के अधीन हे मानव तू मेरा मैं तेरा हूं
तू ही भूल बैठा है मुझे मैं तो बस तेरा और तेरा हूं
सच कहता हूं आत्मबोध कर तू मेरा है मैं तेरा हूं।

जय श्री कृष्णा 🙏🙏 राधे राधे 🙏🙏

पिंटू कुमावत'श्याम दिवाना'🙏🙏💐💐

Comments

Popular posts from this blog

आज की मांग

आखिरी अदालत

सुनहरी यादें