हां मोहब्बत तुम भी करते हो ।
अक्सर सुना है लोगों से
हम भगवान को याद करते हैं
मैं तो बस इतना कहता हूं ओ मेरे प्रभू
औकात क्या है हमारी जो तुम्हें याद करें
यह तो कृपा दृष्टि है बस तुम्हारी
सच तो यही है ओ मेरे प्रभू
हमें तुम ही याद करते हो
हमें तुम ही याद करते हो।।
तु अथाह सागर है प्रेम करूणा का ओ मेरे प्रभू
मैं तो एक बूंद भी नहीं
बहा दूं एक आंसू जो मैं तेरी याद में
आह! तो तुम भी भरते हो
हां सांवरे आह! तुम भी भरते हो ।
मैं कहता हूं मोहब्बत हो गई है तुझसे
मैं कहता हूं मोहब्बत हो गई है तुझसे
मगर सच तो यही है ओ कान्हा
छुपा के मनमोहिनी सूरत राधा के आंचल में
हां मोहब्बत तुम भी करते हो
हां मोहब्बत तुम भी करते हो ।।
बीच मझधार मैं सोचता हूं डूब रही है नाव
छूट रही है जीवन पतवार
देकर सहारा ओ सांवरे
अपने मुक्ति के किनारे की ओर तुम ही ले चलते हो
हां अपने मुक्ति के किनारे की ओर तुम ही ले चलते हो ।।
औकात क्या है हमारी जो तुम्हें याद करें
यह तो कृपा दृष्टि है बस तुम्हारी
सच तो यही है ओ मेरे प्रभू
हमें तुम ही याद करते हो
हां हमें तुम ही याद करते हो।।
जय श्री श्याम 🙏🙏 राधे राधे 🙏🙏
पिंटू कुमावत'श्याम दिवाना'🙏🙏💐💐
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