आओ प्रिये कहीं दूर चलतें हैं।


आओं प्रिये कहीं दूर चलतें हैं
जीवन के अंतिम पड़ाव से पहले
सांसों के ठहराव से पहले।

मैं प्यासा दरिया प्रेम का
तू बहती जलधारा प्रेम की 
जहां ना हो प्यार पर पहरा 
मिल जाए किनारा दो दिलों को 
आओ प्रिये वहां मिलते हैं
आओ प्रिये वहां चलते हैं 

आओ प्रिये कहीं दूर चलतें हैं
आओ प्रिये कहीं दूर चलतें हैं।।

बादलों के पार एक ऐसी दूनिया में 
जहां ना हो दर्द जुदाई का
मौसम हो प्यार की शीतल पुरवाई का
ना चले कोई दांव जहां जुल्मी वक्त हरजाई का
जहां हो मिलन आत्मा से परमात्मा तन से परछाई का
अमर प्रेम पुष्पों से महकती हो जीवन बगिया
चांद सितारें भी आकर चुमें तुम्हें बन जाए माथे की बिंदिया
ख्वाईशों के जहां मैले हो
खुशियों के जहां रैले हो
हाथों में हाथ लिए प्यार की कश्ती पर
हम तुम जहां अकेले हो ।

आओ प्रिये कहीं दूर चलतें हैं
जीवन के अंतिम पड़ाव से पहले
सांसों के ठहराव से पहले

प्यासा दरिया प्रेम का
तू बहती जलधारा प्रेम की 
जहां ना हो प्यार पर पहरा 
मिल जाए किनारा दो दिलों को 
आओ प्रिये वहां मिलते हैं
आओ प्रिये वहां चलते हैं 

आओ प्रिये कहीं दूर चलतें हैं
आओ प्रिये कहीं दूर चलतें हैं।।

पिंटू कुमावत'श्याम दिवाना'🙏🙏💐💐

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