कृष्ण




कृष्ण ही आनंद है
कृष्ण ही है परमानंद
माया रची है कृष्ण ने  कृष्ण से ही सकल संसार
जगत सेठ है सांवरा कृष्ण का ही सब व्यापार
कभी बनाए कभी मिटाए
कभी हंसाए कभी रूलाए
कृष्ण ही देखो कठपुतली का सबको नाच नचाए
अपनी माया से हर प्राणी को मोह में कृष्ण ही उलझाए
लाख चाहे मिलना कृष्ण से कोई
बिन अर्जी बिन कृष्ण की मर्जी
कोई ना कृष्ण तत्व से मिलने पाए 
हां कृष्ण की कृपा जिस पर हो जाए
वो बावरा प्रेमी बसा मन में सुंदर अलौकिक कृष्ण चितवन
वो तो केवल राधे राधे- राधे राधे गाए
कृष्ण का प्यारा सदा सदा के लिए कृष्ण में ही रम जाए
कृष्ण संग गोपी राधा बन वृन्दावन में वो रास रचाए
कृष्ण तत्व से मिलकर स्वयं कृष्ण ही वो कहलाए
भटक भटक कर लख चौरासी में 
अंत में कृष्ण को केवल कृष्ण को ही अपना मानना होगा
आज नहीं तो कल हमें कृष्ण को ही जानना होगा
कृष्ण ही मूल कृष्ण ही जड़ चेतन सृष्टि का आधार
कृष्ण ही केवल एक मात्र भव सागर के तारणहार
कृष्ण ही केवल एक मात्र भव सागर के तारणहार।।


जय जय श्री राधे 🙏🙏 जय श्री श्याम 🙏🙏
गोवर्धन गिरधारी 💕 प्यारे बनवारी ❤️ की जय 🙏🙏

पिंटू कुमावत'श्याम दिवाना'🙏🙏😊😊

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