एक कप चाय,दिन बन जाये। पी के कहे दिल,मजा आ गया हाय। सुबह सुबह पाए ,आलस को भगाय। जाड़े के दिन हो ,तो सर्दी पास न आये। हो रेस्तरां की ,या घर पे बनाये। बस देख के ही, चाय मन ललचाये। पीके कभी दूर हाइवे पर ,ढाबे की चाय। मन कहे एक और ,कुल्हड़ वाली चाय। खुद से बनाये या, किसी के घर जाए। बस एक कप एक कप बस ,अदरक वाली चाय। मुफ्त में कोई पिलाये,तो स्वाद ज्यादा आये। एक कप चाय☕ दिन बन जाये।
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