योग
कभी कभी नहीं करो तुम रोज़
काम का बहुत है भईया योग
तरोताजा महसूस होगा तुमको हर पल
आज को ठीक करो बेहतर होगा कल
मनुष्य के शरीर में होती सात गर्न्थी
एक एक को खोलो पा लो रोग से मुक्ति
मृत्यु तो आनी है एक दिन आएगी
योग है जो अन्त तक स्वस्थ्य रख पाएगी
पूरे विश्व ने माना आज यह अहसान
भारतवासी तू भी कर ले अपना कल्याण
© रेणु सिंह राधे ✍️
कोटा राजस्थान
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