पितृ दिवस पर हृदयी उद्गार

पिता संघर्ष की आंधियो में....एक हौ
पिता वट वृक्ष विराटतम्,
आजीवन संघर्ष में रत्।
देता शीतल छाँव हमें,
हर दुख दर्द को दूर करे।
परिवार की हर खुशी,
हर अनुशासन की नींव पिता।
पिता हौसला हर बच्चों का,
हर मुश्किल आसान करें।
चाहे जितनी आंधिया आयें जीवन में,
हर तूफान की दवा पिता ।
जीवन के झंझावातो को,
हर लेते वट वृक्ष पिता।
पिता हौसला हर बच्चे का,
पिता गर्व है बच्चों के।
जब जब ठोकर लगती हमको,
संबल है पिता जग में।
जब भी हम कमजोर पड़े तो,
हौसला बढ़ा देते पिता।
---अनिता शर्मा झाँसी
---मौलिक रचना

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