सफलता का मूल मंत्र
ना कोई करिश्मा ना ही कोई यंत्र
कर्म करो निष्काम बस सफलता का मंत्र
जितना लिखा नसीब में कोई सके ना छीन
थोड़ा कम मिल जाए तो मत बन जाओ हीन
मन में रख विश्वास अटल लक्ष्य साधलो अपना
डूब जाओ सब भूलकर पूरा कर लो सपना
मेहनत करो कठोर और चुनो ना छोटा रास्ता
भाग्य भरोसे मत बैठो रखो प्रभु पर आस्था
ईश्वर राह दिखाते हैं पर चलना खुद को पड़ता है
चाहे जो भी हो स्थितियां ढलना खुद को पड़ता है
असफलता को मान चुनौती अपनी भूल सुधारें
कहां कमी रह गई हमारी सोच और विचारे
मेहनत से ही भाग्य सवरते बोल गए सब संत
आशा और विश्वास भरे मन सफलता के मूल मंत्र
प्रीति मनीष दुबे
मण्डला मप्र
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