छोटी सी आशा


इक छोटी सी आशा
जब दिल में जाग जाती
उसी के सहारे जीवन 
नैया पार लग जाती

थाम कर दामन इसका
कुछ कर गुजरने की
होती चाह मन में
यही तो जीने का हौंसला बढ़ाती

जब चारों ओर छा जाता
गहन अंधकार
कोई राह  दिखाई ना देती 
मन में घर बना लेती निराशा

जीवन से ऊब जाता मन
तब छोटी सी एक आशा
डूबते को तिनके का
सहारा बन

दूर कहीं नजर आती
वही छोटी सी आशा
कुछ कर गुजरने  की
प्रेरणा बन जाती
जीने की राह है दिखाती।

Comments

Popular posts from this blog

आज की मांग

आखिरी अदालत

सुनहरी यादें