पापा


जेठ के ताप में आप
शरद सा आभास हो।
संघर्षों के काँटो में
गुलाब के पुष्प हो।
अजनबियों की भीड़ में
हृदय के तार हो।
जेठ के......
जीवन के पतझड़ में
मधुमास की बहार हो।
शिशिर की ठिठुरन में
रवि का ताप हो।
जेठ के.....
सपनों का आधार हो आप
आशीषों का उद्गार हो।
वसुंधरा पर आप मेरे लिए
ईश्वरीय अवतार हो।
जेठ के...

गरिमा राकेश 'गर्विता'
कोटा, राजस्थान

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