छोटी सी आशा

छोटी सी आशा है हम भी कुछ कर जाएं,
ज़िन्दगी तो यूँ हीं चलती रहेगी धीरे धीरे,
इसी ज़िन्दगी में कुछ कर जाना है हमे 
कभी कठनाइयाँ, तो कभी आसानियाँ देगी ज़िन्दगी ,
जो आशा लिए हम जी रहें हैं उस मंज़िल तक पहुँचना है,
ज़िन्दगी इसी का नाम है चलते रहिये जनाब,
कभी ख़ुशी, तो कभी ग़म ज़रूर मिलेंगे,
इसी में ख़ुशी तलाश करो तो सब अच्छा होगा,
छोटी सी आशा लिए क्या क्या जतन नही किये हमने,
भूख प्यास, सब कुछ बर्दाश्त किया हमने 
छोटी आशा लिए ख़ुदा करते रहें ये दुआ,
ऐ खुदा जितनी ज़िन्दगी दी है तूने उसमे कामयाब कर 
तू है बड़ा रहम करने वाला और निहायत महेरबान ,
तेरे ही नाम से शुरू करता हूँ कारोबार 
एक आशा(उम्मीद) लिए लगा रहता हूँ सुब्ह, शाम 
कर दे हमे कामयाब ऐ खुदा तू है बड़ा मेहरबान ,
जो तुझसे आशा(उम्मीद) के साथ बैठा है सरे बाज़ार
उसका कर दे तू बेड़ा पार,तू है बड़ा महेरबान ,

मुक़ीतुर्रहमान 
बाराबंकी यू पी

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