छू लो आसमान

नन्हीं कलियों पढ़ो ,आगे बढ़ो
जिंदगी में सबसे आगे चलो।
तम मिटा फैला उजियारा
नया सूरज नजर है आया ।
शिक्षा की इस नई किरण से
जीवन को तुम रोशन करलो। करो प्रयास मिले आकाश
करे न कोई तुम्हारा उपहास।
हर तकनीक को तुमअपनाओ
आसमान में तुम छा जाओ।
लगता सफर सुहाना सबको
सबको साथ निभाना होगा।
आसमान की ऊंचाइयों को 
तुम भी आज जीवन मे भरलो
नभ को देखो सूरज चमके
आज सभी का मुखड़ा दमके
जीना सीखो  करो तुम नाम
छू लो देश मे तुम आसमान
संध्या पंवार निम्बाहेड़ा राजस्थान

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