राम वन गए थे.....।




क्या लगता है ये क्या सोचते है हम
कि राम रावण को मारने के लिए वन में गए थे।
उस रावण को तो त्रिलोकीनाथ महल से भी मार सकते थे।
राम वन में गए थे अपने मित्र निषाद राज के लिए,
मित्र अमीर हो या गरीब फर्क नहीं पड़ता
मित्र बस मित्र होता हैं ये संदेश देने के लिए....

राम वन में गए थे अत्रि से मिलने के लिए
सुखद दाम्पत्य के गुर सीखने के लिए
महल हो या जंगल सुखद जीवन जीया जा सकता है।
यही संदेश देने के लिए....
राम वन में गए थे मतंग ऋषि के लिए
स्वर्ग का वाहन रोक रखा था जिन्होंने
प्रभु के दर्शन के लिए।
भगवान भक्त के लिए चलकर आते है
यही संदेश देने के लिए.....
राम वन में गए थे शबरी के लिए
एक भीलनी की तपस्या को पूरी करने के लिए
भाव हो तो भगवान जूठे बेर खाते हैं।
ऊँच-नीच का भेदभाव मिटे 
यही संदेश देने के लिए.....
राम वन में गए थे हनुमान के लिए
बरसों से जो बाट देख रहा था
उस भक्त के लिए।
भगवान को भी भक्त की चाहत होती हैं
यही संदेश देने के लिए.....
राम वन में गए थे विभीषण के लिए
उद्धार कर अपने भक्त का
परमधाम पहुँचाने के लिए।
अधर्म में भी धर्म पल सकता हैं
यही संदेश देने के लिए..
राम वन में गए थे अपने भक्तों के लिए....
गरिमा राकेश गौत्तम 'गर्विता'
कोटा राजस्थान

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