मेरा शहर


    मेरा शहर जब लिखने बैठी तो सोच में पड़ गई ,कौन है मेरा शहर? वो जहां मेरा बचपन बीता ,शिक्षा हुई या वो जहां मैं शादी के बाद अपना जीवन गुजार रही हूं।
खैर बचपन जहां बीतता है वहां की यादें कभी भी विस्मृत नहीं होती।
रांची मेरा शहर था ,जहां मैंने अपने बचपन के सतरंगी दिन देखे ,बारिश में काग़ज़ की नाव चलाई ,युवावस्था में कॉलेज बंक कर दोस्तों के साथ पार्टियां उड़ाई।
मेरा शहर झारखंड की राजधानी है ,और पठार,जलप्रपात,वनों से आच्छादित प्रदेश है।
इस  शहर की खूबसूरती  लोगों को अपनी ओर आकर्षित करती है।
यहां आप घूमना चाहें तो घूमने को बहुत कुछ है,
जगन्नाथपुर मंदिर जिसे नागवंशी राजाओं ने बनवाया था।
रॉक गार्डन,प्राणी उद्यान, डियर गार्डन,सबसे बड़ा क्रिकेट स्टेडियम।
नेतरहाट यहां की खूबसूरती बरबस लोगों को खींचती है,यहां का सूर्योदय,और सूर्यास्त देखने लोग दूर दूर से आते हैं और यहां एक रात अवश्य रुकते हैं।
यहां की खूबसूरती देखकर एक अंग्रेज दंपत्ति ने यहीं अपना आशियां बनाया थी ,जिनकी बेटी मैग्नोलिया  ने एक चरवाहे से प्यार करने का गुनाह किया था ।जिसकी सजा चरवाहे को अपनी जान देकर चुकानी पड़ी ,जिसके दुख में मैगनोलिया ने पहाड़ी से कूद कर अपनी जान दे दी।आज भी उनका अधूरा प्रेम वादियों में गूंजता है।
पहाड़ी मंदिर _जहां 468 सीढ़ियां चढ़ कर महादेव के दर्शन होते हैं,कहते हैं सावन में शिवलिंग से नाग लिपटा रहता है।यहां के एक पत्थर पर शिव के पदचिह्न बने हैं।यहीं  एक स्थान पर आजादी से पहले क्रांतिकारियों को फांसी भी दी जाती थी ,इसीलिए यहां तिरंगा फहराया जाता है।
टैगोर हिल
यहां के  सुरम्य वातावरण ,और शांति से रविंद्र नाथ टैगोर के भाई खिंचे चले आए।
ज्योतिर्नाथ टैगोर यहीं मोरहाबादी हिल जिसे टैगोर हिल के नाम से जाना जाता है ,1910_1925 तक अकेले रहकर शांति धाम की स्थापना की,उनके अकेलेपन के साथी उनका पालतू कुत्ता और एक बंदर थे।
रांची में कई जलप्रपात हैं ,जो ऊंचाई से गिरते इंद्रधनुषी छटा बिखेरते हैं।
दिवड़ी का मंदिर,सूर्य मंदिर यहां के प्रमुख आकर्षण हैं।
यहां के प्रसिद्ध व्यक्तियों में अल्बर्ट एक्का,बिरसा मुंडा,जयपाल सिंह,फादर कामिल बुल्के,और रामदयाल मुंडा हैं।
 यहां मानसिक आरोग्यशाला, बीआईटी ,एग्रीकल्चर कॉलेज ,बोर्डिंग स्कूल ,सभी कुछ हुई है।शिक्षा के मामले में यह देश में नंबर 1 है।
खरीदारी के प्रेमियों के लिए भी यहां बहुत कुछ है।
कुल मिला कर मेरा शहर प्रकृति प्रेमियों,शिक्षा प्रेमियों और हर वर्ग के लोगों के लिए पसंदीदा स्थान है।
कभी पधारिए हमारे रांची में भी ।

संगीता सिंह

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