रक्त की बूंद
रक्त बूंद की है अनमोल
कोई लगा नहीं सकता
जिसका मोल
एक एक बूंद देती जीवन
इसकी कीमत वही जानता
जो इसकी एक एक बूंद को
मौत से जूझ रहा होता
अपने रक्त का करके दान
व्यक्ति बन जाता दानी महान
जरूरत मंद को जीवन देकर
बन जाता ईश समान
मृतपाय शरीर में फूंकता जीवन
देकर अपना रक्त दान।
हिमलेश वर्मा
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