मुझसे सवाल करते हैं


लोग मुझसे सवाल करते हैं कि,
मेरी औकात क्या है,
बात करते हैं कि,
मेरा जमीर क्या है,
पूछते हैं मुझसे कि,
मेरी जात क्या है।

जैसे कि मालूम नहीं हो,
कहते हैं मेरा नाम क्या है,
मैं किस देश का है,
मेरी जन्मभूमि कहाँ है,
जिसकी मिट्टी से मैं बना हूँ,
कहते हैं कि मेरी भाषा क्या है।

मुझसे सवाल करते हैं कि
किस ईश्वर को मैं मानता हूँ,
किस देवता की पूजा करता हूँ,
किस की तस्वीर रोजाना,
मैं चढ़ाता हूँ फूल हाथों से,
और कहते हैं कि,
मैं किस धर्म से हूँ।

कभी पूछते हैं मुझसे,
करीब बैठाकर प्यार से,
मेरे सपनें क्या है, 
मेरी मंजिल क्या है,
किससे मैं प्रेम करता हूँ,
क्या जवाब दूँ मैं उनको,
करना होगा अभी इंतजार।



शिक्षक एवं साहित्यकार- 
गुरुदीन वर्मा उर्फ जी.आज़ाद
तहसील एवं जिला- बारां(राजस्थान)

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