भगवान परशुराम


विष्णु  के   हैं   ये  छ्ठे  अवतार
परशु   इनका   मुख्य   हथियार
इक्कीस  बार  कर  क्षत्रिय नाश
साधू   संतों  का   किया  उद्धार

महेंद्र   पर्वत   पर  ध्यान  लगाते
पृथ्वी   पर   रात्रि  में   ना   आते
कश्यप  मुनि  को  दान  में देकर
पृथ्वी   के   उद्धारक    कहलाते

तपस्या  में  रहते  सदा  वो  लीन
पर  क्रोध के  वश  में  हैं  असीम
पर मोम के  जैसा  उनका  गुस्सा
भूलकर सब  देते  तुरंत  आशीष

जन जन का  कल्याण  वो  करते
भीष्म द्रोण  जैसे  शिष्य  निखरते
जो  कोई आता  उनके  शरण  में
उसके  सब  दुख क्लेश  वो  हरते

भगवान की  जयंती  आयी पावन
जैसे आने को  व्याकुल हो सावन
आयो  मिलकर  सब  उनको पूजें
धन्य कर लें अपना हम भी जीवन

🖋️ रवि गोयल

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