ये जालिम दुनियां और नारी शक्ति ❤️🕯️






जालिम ये जालिम दुनियां क्यूं तड़पाता है रे तू,
क्या तू अपनी औकात भूल गया ,
जब तू भी अपने मां के गर्व से जन्म लिया ,
कितना दर्द सहा होगा उस मां ने ,
तुम जैसे पाखंडी बेटे को जन्म देकर,
क्यूं आया है री तू प्यार को बदलाम करने ,
मर क्यों नहीं गया उसी दिन ,
जब तुम्हें तुम्हारी मां ने अपने आंचल में छिपाया ,
और स्नेह का दूध पिलाकर तुम्हें,
हट्ठा कट्ठा जवान किया,
क्या इसी दिन देखने को .?
तुम मां रूपी नारी को चोट पहुंचाने को,
उसकी भावनाओं से खिलवाड़ करने को
अरे शर्म से मर जाओ,
तुम्हें अपनी मां का कद्र नहीं ,
तो क्या प्यार की कद्र करोगे ,
तुम दरिंदों सालों नियति को पहचानो,
तुम्हारी भी जब बेटियां जन्मे ,
तुम्हें तुम्हारी औकात दिखा दे,
सता जो रहे हो तुम दुर्योधन बनकर,
तुम्हे नरक में भी न जगह मिले,
ये जो मर्द बनते फिरते हो ,
किसी को झांसे में लेकर ,
तेरी औकात क्या है ?
तुम्हें नारी शक्ति का आभास नहीं है,
चले जाओगे वही तहखाने में जब,
आभास नहीं होगा समाज में कितनी 
कुरूतियां फैलेगी  तुम्हारे दरमियान,
हे भगवान 🙏 विनती है और 
सुन लीजिए मेरी पुकार,
जब मौत आए कभी मेरे सनम को ,
तो आप 🙏घूंट घूंट काले पानी जैसी सजा 
उस मनहूस काले चोर को देना,
ताकि कोई दूसरा काले चेहरे बनने से डरे 😠।

मनीष कुमार 👨‍✈️👮‍♂️👮‍♂️

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