"संगीत"


आओ कुछ गीतों के
तराने गुनगुनाते हैं...

समय की ताल से 
लय जीवन की मिलाते हैं...

जिंदगी के साज पर
चलो लम्हों को सजाते हैं...

चलो मिलकर जीवन को
संगीतमय बनाते हैं...

कुछ सपने और आशाओं को
उन लम्हों में सजाते हैं...

कुछ एहसासों को चलो
फिर से दोहराते हैं...

बैठ कर दो पल 
कुछ गीत गुनगुनाते हैं...

चलो मिलकर जीवन को 
संगीतमय बनाते हैं...

कुछ भूली बिसरी यादों को
फिर से महकाते हैं...

आने वाले कल को और भी 
खूबसूरत बनाते हैं...

कल का क्या पता आज ही
चलो मिलकर मुस्कुराते हैं...

ये अनमोल पल जिंदगी में 
फिर लौट कर कब आते हैं...

चलो मिलकर जीवन को
संगीतमय बनाते हैं...

मुश्किल हो, संघर्ष हो
या हों खुशियों के पल...

चलो मिलकर साथ में
इन पलों को जी जाते हैं...

जिंदगी के सफर में एक दूजे का 
साथ हम निभाते हैं...

संगीत के सुरों को 
चलो जीवन में सजाते हैं...

चलो मिलकर जीवन को 
संगीतमय बनाते हैं...

कविता गौतम...✍️

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