युद्ध और शांति


युद्ध पर विराम हो ,
अब युद्ध पर विराम हो,

युद्ध से हुआ नहीं भला किसी का,
युद्ध से विनाश है प्रकृति का,
शांति की अब बात हो,
अब युद्ध का विराम हो,

वार्ता हो बैठकर बेहतर होगा,
हो न विवाद ये बेहतर होगा,
देश का प्रत्येक तब ही कल्याण हो,
अब युद्ध पर विराम हो
विध्वंस ही विंध्वस मचा है चारों ओर,
दे सका न ये युद्ध जन धन की न हानि हो,
अब युद्ध पर विराम हो,

इंदु विवेक उदैनियाँ

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