मुझे पसंद है
मुझे पसंद है...!
पतझड़ का मौसम...!!
मुझे पसंद है...!
अकेलापन...!!
मुझे पसंद है...!
उदासीनता...!!
मुझे पसंद है...!
तन्हाईयां...!!
मुझे पसंद है...!
खामोशियां...!!
मुझे पसंद है...!
रेगिस्तान...!!
मुझे पसंद है...!
काली घनी रातें...!!
क्योंकि मुझे पसंद हो तुम...!
क्योंकि मुझे पसंद है तुम्हारा हर सितम...!!
आरती सिरसाट
बुरहानपुर मध्यप्रदेश
मौलिक एंव स्वरचित रचना।
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