बेटी


दिल की जमीन पर उगा  पूनम का चाँद बेटी।
उमंग,उल्लास,
उत्साह जीवन को मधुरिम बनाती बेटी।।
पूनम के चाँद सी हर पल प्रगति पथ पर बढ़ती बेटी।
तमाम गमों को दफन कर खुशियाँ बिखेरती बेटी।।
चाँद सी निर्मल धवल यश बढा़ती बेटी।
तेरी मेरी ही नहीं सबकी संबल होती बेटी।।
बेटों को भी सही राह पर लाती बेटी।
रोशनी की मशाल बनकर जीवन राह दिखलाती बेटी।।
आशा के दिल की जमीन पर चाँद सी चमकती बेटी।
स्वरचित मौलिक अप्रकाशित सर्वाधिकार सुरक्षित डॉक्टर आशा श्रीवास्तव जबलपुर

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