सपनों के घर

बाहर तपती धूप है...
शीतल बयार मिलती है तो बस...
मेरे सपनों के घर में ...
बाहर दो आंसू भी विचलित कर देते है....
सागर की लहरें भी सुकून देती है...
मेरे सपनों के घर में...
बाहर तो बारिश की बूंदें भी....
ज़हर का असर करती है...
तूफ़ाँ भी झूला सा लगता है...
मेरे सपनों के घर में...

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