प्रोफेसर नीना गुप्ता


        प्रोफेसर नीना गुप्ता जिन्होंने गणित विषय के सबसे प्रतिष्ठित पुरस्कार को प्राप्त कर सिर्फ अपनी जन्मस्थली कोलकाता ही नहीं वरन अपने देश का नाम रोशन किया है।यह पुरस्कार 45 वर्ष से कम आयु के युवा गणितज्ञ को गणित के क्षेत्र में नई पहचान बनाने के लिए दिया जाता है
         1984 को कोलकाता में जन्मी नीना गुप्ता ने कोलकाता में ही अपनी स्कूली शिक्षा खालसा हाई से ग्रहण की कर B.sc maths की डिग्री ली ।उसके बाद नीना गुप्ता ने Indian Statistical Institute से गणित में मास्टर डिग्री व P. hd की डिग्री प्राप्त की।
         2014 में भारतीय राष्ट्रीय विज्ञान अकादमी से यंग साइंटिस्ट का पुरस्कार जो उन्हें हाल के वर्षों में बीजगणितीय ज्यामिति में किये सबसे सर्वश्रेष्ठ कार्य के लिए मिला।
         2019 में शांति स्वरूप भटनागर पुरस्कार सबसे कम उम्र की गणितज्ञ को मिला जिन्होंने 70 साल पुरानी गणित की पहेली जारिसकी की  रद्दीकरण की समस्या का हल  सफलतापूर्वक किया।
 ये भारत के एक सितारे की तरह है जिसकी चमक हर ओर फैली है  ।
                          नेहा शर्मा

Comments

Popular posts from this blog

आज की मांग

आखिरी अदालत

सुनहरी यादें