धड़क कर दिल ने कहां की


धड़क कर दिल ने कहां की 
तुंझे प्यार हो गया दिल था 
पहले अकेला इसको किसी
से प्यार ही गया पहले दोस्ती 
हुई बाद में धीरे धीरे दोस्ती 
बढ़ने लगी धीरे धीरे दोस्ती 
प्यार में बदल गई दिल ने धड़क 
कर कहाँ की तुंझे प्यार हो गया 
अब मेरा दिल किसी ओर का हो 
गया जो पहले अजनबी था वह 
अब दिल के अजीज हो गया 
अब तो मेरा प्यार ही मेरा नसीब हो गया मेरा प्यार ही जान हो गया

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