यादें




इस मोड़ से जाते हैं जो 
फिर कभी किसी को क्यूं नहीं दिखाई देते हैं वो""""

अनंत यात्रा के मार्ग पर निकल जाते हैं जो 
अपनों को रोता बिलखता छोड़ कर न जाने क्यूं वो"""

पंचतत्व में विलीन हो जाते हैं वे 
स्पर्श एहसासें बातें ही रह जाती हैं बस बनकर उनकी यादें"""

ह्रदय को विचलित करने दुख से भरने नीरस बनाने 
आखिर आते हैं क्यूं ऐसे मोड़ जो जिंदगी को नासूर बनाते"""

जिंदगी की कश्मकश उलझने सभी चले आते हैं फिर तो 
बढ़े दर्द को और बढ़ाने जीते जी मुर्दों सा बनाने उनको"""

कर्म नियति के नाम जुड़कर जीवन को निराशा से भर देते  
न जाने क्यूं ये मोड़ जीवन की खुशियों को बहा ले जाते """

इन मोड़ों की व्यथा कितने ही जीवन को बेसहारा कर देते 
इनका आना ही कितनी जिंदगीयों को मायूसी से भर देते""" 

इस मोड़ पर मुड़ने की कवायदें सबकी अलग-अलग होती है 
इन मोड़ पर अचानक ही सारी रिवायतें खत्म हो जाती है"""

इस मोड़ से जाते हैं जो हमको बहुत याद आते हैं वो
इस मोड़ से गुजरे जो आज भी हमारे दिलों में बसते हैं वो"""

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