अलगाव

जीवन की आपाधापी में रोज़गार के कम होते अवसरों और अपनों से दूर होते लोगों के बीच आज सब से घायल स्थिति में है, वो आपसी विश्वास। विश्वास रिश्तो को मजबूती देता है,अगर वही कम होगा तो इंसानी रिश्ते कैसे मजबूती पाएंगे। दुनिया में सबसे खूबसूरत रिश्ता पति-पत्नी का होता है, परंतु आपसी विश्वास की कमी होने पर रिश्ते की डोर डगमगा जाती है और रिश्तो में अलगाव की स्थिति आ जाती है, यही अलगाव दिलों को तोड़कर रिश्तों को बिखेर कर रख देता है। रिश्तों में बिखराव आ जाने से एक परिवार टूट जाता है, जिसका असर परिवार के सभी सदस्यों पर पड़ता है और इस स्थिति से बच्चे अत्यधिक प्रभावित होते हैं। अलगाव की स्थिति के कारण परिवार में कलह का समावेश हो जाता है, इसका असर बच्चों के मन में गलत भाव पैदा कर देता है और बच्चे गलत आदतों, आक्रोश और व्यावहारिक मतभेद के शिकार हो जाते हैं। जिंदगी में मतभेदों के बढ़ जाने के कारण घुटन सी महसूस होने लगती है। दो ज़िंदगियों के टूटने से कितने रिश्ते बिखर जाते हैं। शादी एक पहचान ही नहीं एक नई दुनिया की शुरुआत भी होती है, लेकिन आपसी विश्वास और समझ की कमी के कारण कुछ रिश्ते टूट कर बिखरने की कगार पर खड़े हो जाते हैं। मासूम बच्चों के सर से मां-बाप का साया उनके जीवित रहते हुए भी छिन जाता है, घर आंगन वीरान हो जाता है। कभी कभी खुद के स्वार्थ में, जाने कितनी मासूम जिंदगियों में तूफान सा भर दिया जाता है, छोटी उम्र में ही बच्चे मां-बाप तथा भाई-बहन का साथ पल में ही छूट जाता है, उन भाई बहनों के दिल में नफरतों की भावना घर कर जाती है। रिश्तो में कलेश की स्थिति के कारण ही कितने परिवारों की सुख शांति छिन जाती है।
"दिल में नफरतों की आग लिए जला बैठे हैं खुद के ही घरौंदे , अपने ही बच्चों को बांट दिया दो हिस्सों में।"
चाहे कैसे भी हालात हों, ज़िंदगी में साथ रहने के वादे थोड़ी सी मुश्किल परिस्थितियों में दम तोड़ने लगते हैं। किस्मत का खेल भी अजब है, बिखरते विश्वास के कारण जिंदगी दोराहे पर आकर खड़ी हो जाती है और अलगाव की स्थिति पैदा हो जाती है।💔💔
"दिलों में विश्वास के दीप जलाए रखना, अंखियों में हंसी ये सपने सजाए रखना, बिखरने ना देना खुद की परछाइयों को, मन में लगाव की अलख जगाए रखना।"
रिश्तों की कड़ियों में जगह ना देना अलगाव की रुसवाईयां को।

प्रिया धामा
भिलाई, छत्तीसगढ़

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