लाठी न्याय


लाठी है एक रक्षात्मक अस्त्र 
हाथ में हो तो दूर रहता है
हमें करने वाला त्रस्त

लाठी देती सीख अनुशासन की 
शिक्षक पकड़े तो उच्श्रृंखल भी
हो जाता  है विनत
पशुओं को साधती यह लाठी
तभी  गोचारण में
कान्हा के हाथ भी रहती एक लकुटी

रात्रि में भय हो जाता है कम
जब पथिक के हाथ होती लाठी
लम्बी यात्रा पर पाथेय लटका 
चला जाता मंजिल तक यात्री

वृद्धों के  शक्तिहीन अंगों का 
सम्बल बन जाती लाठी
पशुओं को दूर भगा 
सुरक्षा भी दे जाती लाठी

चोरों को देख घमासान कर देती लाठी
कभी स्वामी को देख दुर्बल 
दुष्ट उठा लेते लाठी 
लाठी के रूप अनेक
रात में सावधान करने 
रक्षक करता ठक ठक लाठी

यहाँ तो देखा
जिसकी लाठी उसकी भैंस
राजनीति बताती 
जिसकी भैंस उसी की लाठी 
सबकी लाठी करती आवाज और 
दिखा देती  रूप बेहिसाब

पर ऊपर वाले की लाठी 
दिखा जाती न्याय निराला
रहकर निरन्तर बे- आवाज


रेनु सिंह

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