बंधन



तुमसे वादा है सनम जीवन भर साथ निभाने का
कभी दर्द हो तुम्हें तो तुम्हारा हमदर्द बन जाने का

बातों की बात नही है ना ये ज़माने भर की बातें हैं
यूँ ही थामकर हाथ तुम्हारा प्रेम प्रीत बन जाने का

दिन महीने साल गुजरेंगे मेरे, तुम्हारे एहसास से
एक तुझमें जिंदा होकर बस तुम्हारा हो जाने का

बंधन होगा मन से मन का वादों से पूरी मांग होगी
एक तुम बस मेरी होगी मैं बस तुम्हारा हो जाने का

तुम होगे और मैं होऊंगा एक अपना संसार होगा
वादा है तुम्हारे वादे से बस तुम्हारा ही हो जाने का।

●नेहा यादव
स्वरचित रचना

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