दिल


दिल धड़क उठता है 
जब आती है उनकी याद 
बहुत याद ओर दिल हो जाता है 
बेचेन और हो जाता है 
धड़क उठता है अपने प्रियवर के 
लिए और दिल मे वो ही बस बसे 
रहते है 
वो मेरे साजन मेरे दिल मे घर 
बनाकर बैठे है 
दिल पर अपने दिलबर का नाम
लिया है हमने अपने सपनो की डोली में जाने को तैयार बैठे है
दिल मे ही एक प्यार का मुकाम 
बनाकर बैठे है

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