नव दुर्गे

कितना  सुंदर पर्व हैं आज
मां नव दुर्गा घर घर आयीं
होके शेर सवार आज।
नयनों से  में तेज पुंज है,
अद्भुत  तेज ललाट,
ममतामयी माँ का ह्रदय,
 मिटा देता अपने भक्तों के त्रास।
 हर तरफ भरे धन धान्य मां,
देती मान सम्मान माँ,
 देती सुख सौभाग्य।
  नव दुर्गा नव रत्न हैं,
हो जाएंगे प्रसन्न 
बस भाव से करना जतन है
सब के कष्ट हर लेगी मंगल मूर्ति,
हर तरफ होगई सुख शान्ति
माँ कर देगी सबके पूरे करें काज।
 जो भी आके सिर को झुकाए,
मन की सभी मुरादें पाए,
कोई न लौटा खाली हाथ।
भरके  मन में विश्वास,
जो आए माता के पास,
 कर देती निरोग निर्मल,
हर थी सभी विकार,
हो जाता जीवन अमृत,
वो जब रख देती सिर पर हाथ।
आओ पापनाशिनी,
कष्ट विमोचनी,
  ह्रदय में तेरे आगमन पे उल्लास,
करो भक्त के मन मन्दिर में आप निवास।

जय माता दी,
आप सबको नवरात्रि की बहुत बहुत शुभकामनाएं मां, हम सभी पर कृपा दृष्टि बनाएं रखें।,🙏🙏💐💐🙏🙏 

अन्जू दीक्षित,
बदायूँ उत्तर प्रदेश।

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