......भजन.....
मोरी माई के भवन बड़ी भीर भगत जन दरस करें
लाल लाल चोला मैया के अंग सोहे लाल फूलन के हार
मैया के माथे मुकुट है सो है कुंडली की झंकार
नैनन में मैया के कजरा सो है कृपा की भरी रसधार
चम चम चमके मैया को हरवा कंगन की खन कार
पांव में मैया के पायल बाजे सिंहा पे असवार
हात जोर आशा विनती कर रही सबको करो बेडा पार
डॉ आशा श्रीवास्तव जबलपुर
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