मुस्कुरा दो

मुस्कान हर ग़म का मरहम होती है,
रोते चेहरे का हर दर्द हर लेती है!!

गिरकर जब उठो तो मुस्कुरा दो,
जीतते -2 यदि कभी हारो तो मुस्कुरा दो!!

कोई बेवजह आपसे झगड़े तो छोड़कर गुस्सा,
बस हल्का सा मुस्कुरा दो!!

तोड़कर दिल जब कोई आपका चला जाये ,
तो रोकर नही देकर उसको मुस्कान
उसका हर ग़म भूला दो!!

हाँ माना कि थोड़ा मुश्किल होता हैं 
दर्द में मुस्कुराना,
लेकिन जो काम आसान हो उसमें भी कहाँ मज़ा आता है!!

इंसान हैं हम कुछ न कुछ मक़सद से तो आये हैं यहाँ
तो ढूंढो उस मक़सद को और ठान लो पूरा करने को उसे!!

न दे सको यदि किसी को कुछ तो दे दो एक मुस्कान 
दूसरे की खुशी के लिए ही सही,
कभी-2 बेवज़ह यूँ ही मुस्कुरा दो!!

*एकता श्रीवास्तव*✍️

Comments

Popular posts from this blog

आज की मांग

आखिरी अदालत

सुनहरी यादें